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10 नए व्यवसाय शुरू, संस्थान में अब 20 ट्रेडों में मिल रहा प्रशिक्षण

By Admin|21 May 2026, 9:46 PM
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लखनऊ

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 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा और रोजगार से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने गुरुवार को आईटीओटी अलीगंज (आईटीआई परिसर), लखनऊ में न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी बिल्डिंग का उद्घाटन किया। नई बिल्डिंग में 10 नए व्यवसायों की शुरुआत के साथ संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता में बड़ा विस्तार हुआ है। सरकार इसे “आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” के संकल्प को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल के रूप में देख रही है।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं बल्कि युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार और स्वरोजगार के योग्य तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आईटीओटी जैसे संस्थान युवाओं के सपनों को साकार करने के केंद्र बन रहे हैं। प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों में आत्मविश्वास जगाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि आत्मविश्वास ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने विशेष रूप से ड्रॉपआउट रोकने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र की निरंतर उपस्थिति और प्रगति सुनिश्चित करना संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। मंत्री ने कहा कि समाज के कमजोर और मध्यम वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों के लिए कौशल प्रशिक्षण जीवन बदलने वाला अवसर साबित हो सकता है। उन्होंने प्रशिक्षकों से छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों से भी संवाद बढ़ाने की अपील की, ताकि प्रशिक्षण और शिक्षा के प्रति भरोसा और मजबूत हो सके।

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कार्यक्रम में प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरिओम ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में विभाग लगातार आधुनिक और उद्योग आधारित पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने बताया कि बदलते समय की जरूरतों के अनुसार पारंपरिक कोर्सेज के साथ नई तकनीकों और इंडस्ट्री आधारित ट्रेड्स को भी शामिल किया जा रहा है, ताकि युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि संस्थानों का मूल्यांकन केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इस आधार पर होना चाहिए कि वहां से प्रशिक्षित होकर कितने युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार प्राप्त हुआ।

निदेशक प्राविधिक डी. के. सिंह ने बताया कि नई बिल्डिंग के निर्माण से पहले संस्थान में 10 व्यवसाय संचालित हो रहे थे, जो अब बढ़कर 20 हो गए हैं। इसके साथ ही संस्थान में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की संख्या भी लगभग 1300 तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि संस्थान में आईटीआई प्रशिक्षकों के लिए सीआईपीएस प्रशिक्षण भी संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 1338 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। वहीं हाल ही में चयनित 1781 नए अनुदेशकों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता और मजबूत होगी।

न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी में शुरू किए गए नए व्यवसायों में ड्रेस मेकिंग, ड्राफ्ट्समैन मैकेनिक, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक, मैकेनिक डीजल, मैकेनिक ट्रैक्टर, ऑफिस मैनेजमेंट, पेंटिंग टेक्नोलॉजी, सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस (हिंदी), इलेक्ट्रीशियन पावर डिस्ट्रीब्यूशन और टर्नर जैसे आधुनिक एवं रोजगारपरक ट्रेड शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन कोर्सेज से युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

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कार्यक्रम के दौरान मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। साथ ही उन्होंने परिसर में नीम का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर निदेशक प्रशिक्षण अभिषेक सिंह, अपर निदेशक मानपाल सिंह सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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