छत्तीसगढ़

सरकार ने खोले धान खरीदी केंद्र: CM साय ने इसे किसानों के विश्वास का पर्व बताया

By Admin|15 Nov 2025, 2:36 PM
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रायपुर

प्रदेश में तयशुदा कार्यक्रम के हिसाब से आज से धान खरीदी शुरू हुई. इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया के जरिए धान खरीदी केंद्रों में की गई व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्धि का यह सफर आज फिर एक नई उम्मीद और किसानों के अटूट विश्वास की रोशनी के साथ आगे बढ़ रहा है.

    आज भोर की सुनहरी किरणों के साथ छत्तीसगढ़ की धरती पर फिर शुरुआत हुई है छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की । यह धान खरीदी किसान भाइयों की मेहनत और सरकार पर उनके विश्वास का उत्सव है।

छत्तीसगढ़ सरकार 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान की खरीदी करेगी. किसान सोमवार से शुक्रवार तक केंद्र में धान बेच सकेंगे. धान खरीदी के लिए किसानों को पिछली बार की तरह इस बार भी प्रति क्विंटल 3100 रुपये के दाम मिलेंगे. धान खरीदी के लिए प्रदेश भर में 2739 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं. सरकार ने इस बार समर्थन मूल्य पर 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है.

धान अवैध बिक्री पर रोक
प्रदेश में धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए सरकार ने निर्देश दिए हैं. अन्य राज्यों की सीमा में चेक पोस्ट बनाकर कड़ी निगरानी की जा रही है. धान की सुरक्षा के लिए खरीदी केन्द्रों में ड्रेनेज और तारपोलिन आदि की व्यवस्था की गई है. सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं. सरकार के निर्देश के अनुसार अगर कोई अवैध परिवहन या बिक्री करते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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किसानों को लेना पड़ेगा टोकन
रजिस्टर्ड किसानों को धान बेचने के लिए तुंहर एप से टोकन लेना पड़ता है. टोकन के लिए एप लॉन्च किया गया है. जिसकी मदद से हर किसान को निर्धारित तिथि पर संबंधित खरीदी केंद्र में धान बेचने के लिए टोकन ले सकते हैं. किसान घर बैठे टोकन ले सकते हैं. जो किसान ऑनलाइन टोकन नहीं ले पा रहे हैं उसने लिए मंडी में टोकन की व्यवस्था की गई है. मंडी में किसानों के लिए भी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं.

कितने टोकन पर कितनी धान बिकेगी
तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के जरिए किसान हर दिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक ऑनलाइन टोकन ले सकते हैं. 2 एकड़ या उससे कम जमीन वाले किसानों को अधिकतम एक टोकन मिलेगा. 2 से 10 एकड़ जमीन वाले छोटे किसानों को दो टोकन और 10 एकड़ से ज़्यादा जमीन वाले बड़े किसानों को अधिकतम तीन टोकन दिए जाएंगे.

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