छत्तीसगढ़

दुर्ग अस्पताल में युवती की मौत मामले में प्रशासन सख्त, सिविल सर्जन समेत 9 कर्मचारियों से मांगा जवाब

By Admin|10 Jun 2026, 2:11 PM
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दुर्ग.

जिला अस्पताल दुर्ग में भर्ती सिकलिन पीड़ित 22 वर्षीय युवती दीपिका गाड़ा के इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में सिविल सर्जन सहित 9 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। इनमें 3 डॉक्टर, 3 नर्स तथा 2 लैब टेक्नीशियन शामिल है।

दरअसल, दीपिका की मौत को लेकर कलेक्टर अभिजीत सिंह 2 सदस्यीय टीम गठित की थी। जांच टीम में अपर कलेक्टर योगिता देवांगन तथा सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी शामिल किए गए। जांच टीम के दोनों सदस्य चिकित्सक, स्टाफ नर्स तथा कर्मचारियों के बारी-बारी से बयान लिए। इसके अलावा मृतिका के परिजनों के भी बयान दर्ज किए। सभी के बयान पूरा होने के बाद जांच प्रतिवेदन तैयार किया गया और रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर ही नोटिस जारी किया गया है। इन्हें दो दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने कहा गया है।

परिजनों ने दीपिका की मौत के लिए जिला अस्पताल दुर्ग के चिकित्सकों तथा स्टाफ नर्स की लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में दीपिका को ब्लड चढ़ाया जाना था, इसके उलट परिजनों को ही ब्लड का इंतजाम करने कहा गया। ब्लड का इंतजाम करने में कोई देरी की वजह से दीपिका की मौत हो गई। यही वजह है कि ब्लड बैंक के 2 टेक्नीशियन को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, जिन तीन चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है उनमें डॉ. शमी, डॉ. तृप्ति तथा डॉ. निखिल अग्रवाल शामिल है। दीपिका के भर्ती के समय कैजुवल्टी में मौजूद नर्स पर लापरवाही बरतने आरोप लगा था। इस वजह से 3 नर्स से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। पूरे मामले में ठीक ढंग से व्यवस्था नहीं किए जाने को लेकर सिविल सर्जन डॉ. आशीषन को भी नोटिस थमाया गया है।

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