छत्तीसगढ़बेमेतरा जिला

CG : स्वस्थ एवं कुपोषण मुक्त बेमेतरा की दिशा में तेज हों प्रयास …

By kadwaghut|23 Jul 2026, 1:14 PM
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बेमेतरा । जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने, कुपोषण एवं एनीमिया नियंत्रण अभियान में गति लाने तथा आमजन तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास , स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभागवार योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों एवं लंबित कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध एवं परिणाममूलक कार्य करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब प्रत्येक पात्र हितग्राही तक उनका लाभ समय पर पहुंचे। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

बैठक में गंभीर कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की पहचान, उनके उपचार एवं सतत निगरानी, गर्भवती एवं धात्री माताओं के स्वास्थ्य परीक्षण, एनीमिया नियंत्रण, नियमित टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, नवजात शिशु देखभाल तथा पोषण पुनर्वास केंद्रों की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से नियमित फॉलोअप करें तथा प्रत्येक प्रकरण की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।

उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, पूरक पोषण आहार वितरण, बच्चों के नियमित वजन एवं ऊंचाई मापन, पोषण ट्रैकर एप में समय पर जानकारी दर्ज करने तथा हितग्राहियों के गृह भ्रमण की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी सेवाएं गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जाएं। किसी भी पात्र हितग्राही को योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

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स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की निगरानी, परिवार कल्याण कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों एवं दवाइयों की उपलब्धता तथा विभिन्न स्वास्थ्य संकेतकों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

आयुष विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने आयुष चिकित्सालयों की कार्यप्रणाली, औषधियों की उपलब्धता, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा गतिविधियों तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है, इसलिए इसकी सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जाए।

बैठक के दौरान विभागवार लक्ष्य एवं उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने, नियमित फील्ड मॉनिटरिंग करने तथा सभी योजनाओं की सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सभी योजनाओं का प्रभाव धरातल पर स्पष्ट दिखाई देना चाहिए और इसके लिए सभी विभाग पूरी जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।बैठक में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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