मध्य प्रदेशराज्‍य

मुख्य सचिव जैन ने की बाढ़ से बचाव संबंधी पूर्व तैयारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा

By Admin|14 May 2026, 10:06 PM
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भोपाल

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मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने राज्य स्तरीय समिति की बैठक में बाढ़ राहत एवं बचाव संबंधी निर्देश दिये हैं कि जरूरत पड़ने पर सभी विभाग उन्हें दी गई जिम्मेदारियों के अनुरूप कलेक्टर के समन्वय में बाढ़ राहत और बचाव संबंधी कार्य करेंगे। उन्होंने विभाग प्रमुखों से कहा है कि वे निर्धारित एसओपी के अनुसार 30 मई तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर लें। मुख्य सचिव  जैन गुरुवार को मंत्रालय में वर्षा पूर्व बाढ़ से बचाव संबंधी आवश्यक प्रबंधों की राज्य स्तरीय बैठक में समीक्षा कर रहे थे। गृह विभाग इस कार्य के लिए नोडल होगा। पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना सहित सहित अन्य विभाग प्रमुख वीडियो कॉफ्रेंसिंग से बैठक में शामिल हुए। सेना के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

बैठक में राहत आयुक्त  विवेक पोरवाल ने विगत वर्षों की बाढ़ और बारिश की स्थिति तथा विभागों को सौंपे गए कार्यों की जानकारी का प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य सचिव  जैन ने अगले 15 दिनों में सौंपे गये दायित्वों को पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में उसी तरह का सिस्टम विकसित किया जाये, जिससे जनहानि न हो। उन्होंने ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, नगरीय विकास, राजस्व, गृह, कृषि, जल संसाधन, पीएचई, स्वास्थ्य, ऊर्जा और मौसम विभाग को मिलकर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये।

मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि मौसम की सटीक जानकारी के लिए पहले से चिन्हित स्थानों पर केंद्र स्थापित करने की दिशा में प्रयास किए जाएं ।उन्होंने कहा कि मौसम का अलर्ट सिस्टम भी पहले से बेहतर हुआ है और सभी संबंधित विभाग इस तरह की सूचनाओं के आदान प्रदान के साथ त्वरित कार्यवाही सिस्टम विकसित करें।

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मानसून पूर्व बाढ़ एवं अतिवृष्टि से निपटने के लिए हुई राज्य स्तरीय बैठक में गृह विभाग को सेना से समन्वय, बाढ़ बचाव उपकरणों की तैयारी, प्रशिक्षित तैराकों की सूची और नियंत्रण कक्ष से समन्वय की जिम्मेदारी दी गई। राजस्व विभाग को सभी कलेक्टर को चेक-लिस्ट अनुसार तैयारी, आपदा की स्थिति में क्षति आकलन और समय पर राहत वितरण सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को अस्थायी शिविरों के लिए भवन चयन, जर्जर भवनों के चिन्हांकन की कार्रवाई, निचले क्षेत्रों से आबादी का स्थानांतरण और खुले बोरवेल/कुओं की सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग को पुलों पर बेरियर, जर्जर भवनों की मरम्मत और चेतावनी बोर्ड लगाने का कार्य सौंपा गया है। परिवहन विभाग को बसों की फिटनेस जांच, ओवरलोडिंग पर नियंत्रण और बाढ़ में सुरक्षित यातायात की व्यवस्था सुनिश्चित करने का दायित्व मिला है। नगरीय विकास विभाग को नालों की सफाई, निचली बस्तियों को खाली कराने और जर्जर भवनों की मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जल संसाधन विभाग को बांधों की मजबूती, जल निकासी, पूर्वानुमान और बाढ़ संभावित गांवों का चिन्हांकन करने का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में चिकित्सा, दवाएं, टीकाकरण और महामारी रोकथाम के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था के साथ सर्पदंश के उपचार में प्रयुक्त एंटीवेनम की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को स्वच्छ पेयजल, शुद्धिकरण, क्लोरीन टैबलेट वितरण और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। कृषि विभाग को खाद-बीज का भंडारण, समय पर वितरण और कीट-व्याधि पर निगरानी का दायित्व दिया गया है। पशुपालन विभाग को पशु चिकित्सा दल, दवाएं, चारे का भंडारण और मृत पशुओं के सुरक्षित निपटान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। खाद्य विभाग को खाद्यान्न और आवश्यक राहत सामग्री का भंडारण, मूल्य निर्धारण और वितरण की व्यवस्था करना होगी। ऊर्जा विभाग को राहत स्थलों पर विद्युत आपूर्ति, वैकल्पिक व्यवस्था, फील्ड टीम गठन और पब्लिक सूचना की जिम्मेदारी दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, परामर्शदाताओं की मदद से सुरक्षित निष्क्रमण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

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मौसम विभाग को मानसून के दौरान वर्षा की दैनिक जानकारी और मौसम का पूर्वानुमान प्रतिदिन गृह, जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकारण को नियमित रूप से देनी होगी। दूरदर्शन तथा आकाशवाणी को भारी वर्षा तथा बाढ़ की स्थिति में जिला प्रशासन या राज्य शासन के निर्देश पर पूर्व चेतावनी और स्थानीय लोगों को सही जानकारी देने के लिए कहा गया है।

मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि हालांकि पहुंच विहीन क्षेत्रों की संख्या अब न के बराबर रह गई है और आगामी एक माह में लोक निर्माण विभाग रह गए क्षेत्रों में भी आवश्यक पुल पुलियों का निर्माण कर सकता है। उन्होंने राहत आयुक्त से कहा कि राहत और बचाव कार्यों के लिये आवश्यक धनराशि का बेहतर उपयोग करें।

 

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