छत्तीसगढ़

वर्ष 2028 तक हर ग्रामीण घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य

By Admin|20 May 2026, 9:16 PM
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रायपुर

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 मुख्य सचिव  विकासशील ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में नियमित जलापूर्ति और पेयजल की शुद्धता की निरंतर जांच कराने के कड़े निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज यहाँ मंत्रालय (महानदी भवन) में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
      
बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के क्रियान्वयन की कार्ययोजना, पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था, आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षण, जनभागीदारी, जल संरक्षण तथा सुजलम भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, भू-जल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए श्जल अर्पणश् की नई पहल पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बुनियादी ढांचे के बाद अब सुचारू संचालन और मॉनिटरिंग पर जोर
      

 मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न गांवों और बसाहटों में पानी की टंकियां तथा नल लगाने का काम पूरा होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नियमित जलापूर्ति और पानी की गुणवत्ता बनाए रखना है।
ग्राम पंचायतों को नल-जल योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए गठित समितियों में महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य किया गया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सहयोग करने के निर्देश दिए। नल-जल योजनाओं की निरंतर और प्रभावी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सीधे जिला कलेक्टरों की होगी।

वित्तीय पारदर्शिता और डिजिटल ट्रैकिंग के कड़े निर्देश
        
 मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत गाइडलाइंस के अनुरूप पूर्ण वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड का उपयोग केवल स्वीकृत मदों में ही किया जाए। पानी की सप्लाई चौन में किसी भी प्रकार की खराबी को तुरंत सुधारने के लिए उन्होंने सुजलम भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म और पीएम गति शक्ति ऐप के माध्यम से रियल-टाइम ट्रैकिंग करने के निर्देश दिए।
       
इसके अलावा, उन्होंने एलडब्ल्यूई (नक्सल) प्रभावित एवं दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि वर्ष 2028 की समय-सीमा से पहले छत्तीसगढ़ के शत-प्रतिशत ग्रामीण घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाई जाए।

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सिंगल विलेज और बल्क वॉटर स्कीम की प्रगति
         
बैठक में अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत रिफॉर्म प्लान की प्रगति की जानकारी दी। सिंगल विलेज स्कीम के तहत इस विकेंद्रीकृत योजना के तहत गांवों में ही उपलब्ध जल स्रोतों का उपयोग कर पाइपलाइन के जरिए हर घर में नल कनेक्शन दिया जाता है। राज्य के विभिन्न गांवों में ऐसी 29 हजार 90 योजनाएं बनाई गई हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों, शहरों या कई गांवों के समूहों तक भारी मात्रा में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए 70 योजनाएं संचालित हैं, जिनमें पानी को दूरस्थ स्रोतों से लाकर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया जाता है।
      
पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था के तहत 1,531 गांवों के अंतर्गत आने वाले (20 परिवारों से कम वाली) करीब 920 बसाहटों और एलडब्ल्यूई क्षेत्रों के छूटे हुए परिवारों के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम जारी है।
       
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव मती शहला निगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव  अमित कटारिया, वित्त विभाग के सचिव  रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह, इसके साथ ही भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में वर्चुअली व प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे।

 

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