छत्तीसगढ़

रायपुर में हाईटेक हॉस्पिटैलिटी सेंटर विकसित करने की योजना, PPP मॉडल पर होगा बड़ा विकास कार्य

By Admin|03 Jun 2026, 7:01 PM
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रायपुर में विकसित होगा विश्वस्तरीय हॉस्पिटैलिटी एवं वेलनेस सेंटर, क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के उन्नयन हेतु PPP मॉडल पर प्रस्तावित परियोजना

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इनडोर स्पोर्ट्स, जिम, स्विमिंग पूल, आधुनिक आवासीय सुविधाओं सहित होगा व्यापक आधुनिकीकरण

रायपुर, 
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा राजधानी रायपुर स्थित क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन एवं रख-रखाव के लिए लाइसेंस आधार पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत एजेंसी नियुक्त करने की महत्वपूर्ण परियोजना प्रस्तावित की गई है। यह पहल रायपुर को एक आधुनिक एवं प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी तथा वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।

परियोजना के तहत क्लब परिसर में स्क्वैश कोर्ट, टेनिस कोर्ट, जिम, स्विमिंग पूल, बैडमिंटन हॉल, बिलियर्ड रूम तथा टेबल टेनिस हॉल जैसी आधुनिक खेल एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं विकसित एवं संचालित की जाएंगी। साथ ही वर्तमान अधोसंरचना का व्यापक आधुनिकीकरण एवं नवीनीकरण भी किया जाएगा।

वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह परियोजना रायपुर को एक नए प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे राज्य में निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा गुणवत्तापूर्ण शहरी अधोसंरचना विकास को नई गति प्राप्त होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्वींस क्लब ऑफ इंडिया की विशेष आवास योजना के अंतर्गत सांसद एवं विधायक वर्ग के 108 सदस्यों की विशेष सदस्यता पूर्ववत जारी रहेगी। परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान वर्तमान सदस्यों के हितों एवं सुविधाओं का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।

मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि परियोजना को लाइसेंस, डेवलप, ऑपरेट एवं ट्रांसफर (LDOT) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार क्लब की मौजूदा सुविधाओं का बेहतर संचालन एवं प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा तथा टेनिस कोर्ट क्षेत्र के रिक्त भूभाग पर लगभग 61 कमरों वाले आधुनिक आवासीय एवं हॉस्पिटैलिटी ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना में लगभग 25 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इससे अत्याधुनिक सुविधाओं का विकास होने के साथ-साथ दीर्घकालिक राजस्व सृजन, आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि तथा रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। परियोजना की लाइसेंस अवधि 20 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसमें अतिरिक्त 10 वर्ष तक विस्तार का प्रावधान रहेगा।

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देव ने कहा कि शहर के प्रमुख क्षेत्रों से उत्कृष्ट सड़क संपर्क एवं बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यह परियोजना निवेशकों और उपयोगकर्ताओं दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। इसके माध्यम से राजधानी में उच्चस्तरीय आतिथ्य, खेल एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का नया केंद्र विकसित होगा।

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