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पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के बीच साहिबगंज में जनप्रतिनिधि का अनोखा कदम बना चर्चा का विषय

By Admin|18 May 2026, 8:18 PM
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 साहिबगंज

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा संकट के बीच पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर अब छोटे शहरों और कस्बों तक दिखाई देने लगा है. झारखंड के साहिबगंज में सोमवार को एक अनोखी तस्वीर देखने को मिली, जब जिला परिषद उपाध्यक्ष सुनील यादव घोड़े पर सवार होकर सदर प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचे. उनके इस अलग अंदाज को देखकर कार्यालय परिसर में मौजूद लोग हैरान रह गए. देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जुट गई और हर कोई इस अनोखी पहल की चर्चा करने लगा.

लग्जरी गाड़ियों के शौकीन हैं सुनील यादव
जिला परिषद उपाध्यक्ष सुनील यादव जिले में अपने अलग और आकर्षक अंदाज के लिए पहले से चर्चित रहे हैं. आमतौर पर वे लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ नजर आते हैं. बताया जाता है कि उनके पास कई महंगी गाड़ियां हैं और वे अक्सर थार वाहन से चलते हैं. लेकिन सोमवार को उन्होंने पूरी तरह अलग संदेश देने की कोशिश की. चारपहिया या दोपहिया वाहन के बजाय वे घोड़े पर सवार होकर ब्लॉक कार्यालय पहुंचे. लोगों के लिए यह दृश्य बिल्कुल नया था, इसलिए आसपास के लोग मोबाइल निकालकर वीडियो और तस्वीरें बनाने लगे.

पीएम मोदी की अपील से हुए प्रेरित
सुनील यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल की बचत और ऊर्जा संरक्षण को लेकर दिए गए संदेश से प्रेरित होकर उन्होंने यह कदम उठाया है. उन्होंने कहा कि देशहित में ईंधन की बचत करना आज समय की जरूरत बन गई है. लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल खपत न केवल आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर चुनौती बनती जा रही है.

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देशहित की शुरुआत खुद से करनी होगी: सुनील यादव
ब्लॉक परिसर में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सुनील यादव ने कहा कि अगर समाज में बदलाव लाना है तो उसकी शुरुआत खुद से करनी होगी. उन्होंने कहा कि उनका घोड़े पर सवार होकर कार्यालय पहुंचना केवल दिखावा नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी पहल मिलकर बड़े बदलाव का रास्ता तैयार करती हैं. यदि लोग अनावश्यक वाहन उपयोग कम करें और वैकल्पिक उपाय अपनाएं, तो इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी.

सोशल मीडिया पर भी छाया मामला
सुनील यादव ने अपनी इस पहल की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किए. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि “जब देशहित की बात हो, तो पहल खुद से शुरू करनी चाहिए.” उनकी पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. कई लोगों ने इसे पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत की दिशा में सकारात्मक कदम बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे अलग अंदाज में प्रचार पाने की कोशिश भी कहा.

इलाके में चर्चा का विषय बनी पहल
साहिबगंज में इस पहल की चर्चा सिर्फ प्रशासनिक हलकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आम लोगों के बीच भी यह बड़ा विषय बन गया. जिले के कई लोग इसे एक प्रतीकात्मक संदेश मान रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा यदि इस तरह के संदेश दिए जाएं तो आम लोगों में भी जागरूकता बढ़ेगी. खासकर ऐसे समय में, जब ऊर्जा संकट और पर्यावरण संरक्षण वैश्विक मुद्दे बन चुके हैं.

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पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
सुनील यादव ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए अब हर व्यक्ति को जिम्मेदारी समझनी होगी. उन्होंने लोगों से अपील की कि जहां संभव हो, वहां सार्वजनिक परिवहन, साइकिल या अन्य वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें. उन्होंने कहा कि यदि आज से ही ईंधन बचाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने की आदत विकसित की जाए, तो आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और सुरक्षित भविष्य दिया जा सकता है.

झारखंड और बिहार में भी हो रही चर्चा
जिला परिषद उपाध्यक्ष की यह पहल अब साहिबगंज से निकलकर झारखंड और बिहार के कई हिस्सों में चर्चा का विषय बन चुकी है. लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं, लेकिन इतना तय है कि इस कदम ने ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है.

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