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पटना से झारखंड जाना होगा आसान, बिहार में 88 किलोमीटर फोरलेन सड़क पर खर्च होंगे 2500 करोड़ रुपये

By Admin|18 Oct 2026, 6:51 PM
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पटना
बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी मिली है।

पटना के नौबतपुर से अरवल और औरंगाबाद होते हुए झारखंड की सीमा पर स्थित हरिहरगंज तक जाने वाली सड़क को अब फोरलेन बनाया जाएगा।

करीब 88 किलोमीटर लंबी इस सड़क के चौड़ीकरण पर 2500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पथ निर्माण विभाग (RCD) ने इस परियोजना को अपनी वार्षिक कार्ययोजना में शामिल किया था।

नौबतपुर से औरंगाबाद होते हुए हर‍िहरगंज तक निर्माण
इसे अब सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की मंजूरी मिल गई है। वर्तमान में दो लेन की यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग-139 (एनएच-139) के रूप में अधिसूचित है।

पहले इसे स्टेट हाईवे-2 के नाम से जाना जाता था। फोरलेन बनने के बाद पटना से अरवल और औरंगाबाद के रास्ते झारखंड की ओर आने-जाने वाले वाहनों को अधिक सुविधाजनक आवागमन का विकल्प मिलेगा।

साथ ही इस मार्ग पर यातायात का दबाव कम करने और माल ढुलाई को सुगम बनाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

अरवल समेत कई शहरों में बनेंगे बाईपास
फोरलेन परियोजना के तहत कई नए बाईपास का निर्माण भी किया जाएगा। इसमें 12.3 किलोमीटर लंबा अरवल बाईपास प्रमुख है।

इसके अलावा दाउदनगर, औरंगाबाद, ओबरा और अंबा में भी बाईपास बनाए जाने की योजना है। इससे संबंधित शहरों के बीच से गुजरने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और स्थानीय यातायात पर दबाव कम हो सकेगा।

परियोजना में औरंगाबाद में जीटी रोड पर फ्लाईओवर का निर्माण भी शामिल है। बाईपास और फ्लाईओवर बनने से लंबी दूरी के वाहनों को शहरों के भीतर अनावश्यक रूप से प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। इससे यात्रा के समय में कमी आने और सड़क सुरक्षा बेहतर होने की संभावना है।

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वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे से भी मिलेगी कनेक्टिविटी
इस सड़क के फोरलेन होने से अरवल और औरंगाबाद की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे से संपर्क बेहतर बनाने में भी इस परियोजना की अहम भूमिका होगी। इससे बिहार और झारखंड के बीच सड़क संपर्क अधिक सुगम होने की उम्मीद है।

यह मार्ग झारखंड के पलामू और गढ़वा के अलावा छत्तीसगढ़ तथा उत्तर प्रदेश की सीमा से आने वाले ट्रकों और यात्री वाहनों के लिए पटना पहुंचने का महत्वपूर्ण रास्ता है।

इस मार्ग से खनिजों समेत विभिन्न वस्तुओं की ढुलाई भी होती है। ऐसे में फोरलेन बनने से मालवाहक वाहनों की आवाजाही को सुविधा मिलने के साथ क्षेत्रीय व्यापार और परिवहन को भी गति मिल सकती है।

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