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CG : धमतरी में शेयर मार्केट के नाम पर 3.12 करोड़ की ठगी, ‘वेल्थ ट्रैकर’ का बड़ा खुलासा …

By kadwaghut|31 Oct 2026, 12:10 PM
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धमतरी : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शेयर मार्केट और ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। हर महीने 4 प्रतिशत मुनाफा देने का लालच देकर निवेशकों से 3 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक की रकम जुटाने के आरोपी विक्रम सिंह शाह को पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी धमतरी में ‘वेल्थ ट्रैकर’ नाम से कार्यालय संचालित करता था। पुलिस के मुताबिक, वह निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए बाकायदा स्टाम्प पेपर पर नोटरीकृत इकरारनामा तैयार करवाता था और रकम की सुरक्षा के नाम पर बैंक चेक भी देता था। मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शुरुआत में निवेशकों को कुछ महीनों तक मुनाफा भी दिया गया। इससे लोगों का भरोसा बढ़ता गया और उन्होंने बड़ी रकम निवेश कर दी। लेकिन बाद में कथित तौर पर रकम लौटाना बंद कर दिया गया और आरोपी फरार हो गया। शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी तलाश तेज कर दी।

25 लाख रुपये के निवेश से खुली धोखाधड़ी की परतें मामले की शुरुआत बालोद जिले के गुरूर निवासी 62 वर्षीय शिवकुमार साहू की शिकायत से हुई। उन्होंने गुरूर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि शेयर बाजार में निवेश के नाम पर उनके और परिवार के सदस्यों से 25 लाख रुपये लिए गए, लेकिन बाद में रकम वापस नहीं की गई। घटनास्थल धमतरी सिटी कोतवाली क्षेत्र में होने के कारण मामले की केस डायरी वहां भेजी गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी विक्रम सिंह शाह कलेक्ट्रेट रोड स्थित अपने कार्यालय के माध्यम से लोगों को शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए प्रेरित करता था। वह हर महीने निवेश की रकम पर 4 प्रतिशत मुनाफा देने का दावा करता था। निवेशकों को विश्वास दिलाने के लिए नोटरीकृत दस्तावेज तैयार किए जाते थे। इसके अलावा सुरक्षा के तौर पर बैंक चेक दिए जाते थे, जिससे लोगों को लगता था कि उनकी रकम सुरक्षित है। शुरुआती महीनों में मुनाफे का भुगतान होने से निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो गया।

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कई निवेशकों से करोड़ों रुपये लेने का आरोप पुलिस की अब तक की जांच में 3 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी सामने आई है। जांच में कई ऐसे निवेशकों की जानकारी मिली है, जिन्होंने बेहतर मुनाफे की उम्मीद में लाखों रुपये लगाए थे। पुलिस के अनुसार, संगीता सिन्हा से 81 लाख रुपये, अंबिका प्रसाद सोनवानी से 60 लाख रुपये, भूषण सिन्हा से 28 लाख रुपये, चेतन सिन्हा से 16 लाख रुपये और प्रभुलाल सिन्हा से 12 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी हुई है। इनके अलावा अन्य निवेशकों की रकम भी इस मामले से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से लोगों को निवेश के लिए आकर्षित किया। शुरुआती दौर में मुनाफा मिलने से निवेशकों ने न केवल अपनी रकम लगाई, बल्कि निवेश योजना पर विश्वास भी करने लगे। हालांकि बाद में भुगतान बंद होने और आरोपी का पता नहीं चलने पर लोगों को धोखाधड़ी का संदेह हुआ।

इंदौर में छिपे आरोपी तक ऐसे पहुंची पुलिस करोड़ों रुपये की आर्थिक धोखाधड़ी के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में विशेष टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया और मुखबिर तंत्र की सहायता ली। इसी दौरान आरोपी के मध्यप्रदेश के इंदौर में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम इंदौर रवाना हुई और घेराबंदी कर विक्रम सिंह शाह को हिरासत में लिया। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के आधार पर आरोपी को 29 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार विक्रम सिंह शाह की उम्र 37 वर्ष है। वह मूल रूप से धमतरी के हटकेशर क्षेत्र का निवासी है और रायपुर के अमलीडीह क्षेत्र में भी रह रहा था।

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मोबाइल, टैबलेट और बैंक चेक जब्त पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट, निवेशकों से संबंधित नोटरीकृत इकरारनामे और बैंक चेक जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से निवेश से जुड़े लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि निवेशकों से प्राप्त करोड़ों रुपये आखिर कहां गए। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने रकम शेयर मार्केट में लगाई थी, अन्य खातों में स्थानांतरित की थी या उसका किसी अन्य तरीके से इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे मामले में आरोपी के साथ अन्य लोग शामिल थे या नहीं। पुलिस संबंधित बैंक खातों, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटा रही है। आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत कर पुलिस रिमांड प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी भी सामने आई है। पूछताछ और वित्तीय जांच के बाद मामले में अन्य महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। निवेश करने वालों को पुलिस की चेतावनी इस मामले के सामने आने के बाद धमतरी पुलिस ने आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस ने कहा है कि शेयर मार्केट, ट्रेडिंग और अन्य निवेश योजनाओं में असामान्य रूप से अधिक तथा निश्चित मुनाफे का वादा करने वालों से सावधान रहने की जरूरत है। किसी व्यक्ति या संस्था के कहने पर रकम निवेश करने से पहले उसकी विश्वसनीयता, पंजीकरण और वैधानिक स्थिति की जांच करना आवश्यक है। केवल बैंक चेक या नोटरीकृत समझौते के आधार पर निवेश को सुरक्षित मान लेना जोखिम भरा हो सकता है। यह मामला बताता है कि अधिक मुनाफे का लालच किस तरह निवेशकों की जीवनभर की बचत को जोखिम में डाल सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। कथित धोखाधड़ी की रकम की वास्तविक स्थिति, अन्य संभावित पीड़ितों और दूसरे लोगों की संलिप्तता का पता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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