राजनांदगांव : भक्तों ने 108 द्रव्यों की थालियों से की गुरु वंदना…

डोंगरगांव , गुरु-भक्ति जीवन में संयम, त्याग और आत्मकल्याण का प्रेरणा देती है। इसी भावना के साथ शरद पूर्णिमा पर श्रीदिगम्बर जैन समाज डोंगरगांव के द्वारा समाधिस्थ संत शिरोमणि आचार्य भगवन 108 विद्यासागर जी महामुनिराज, वर्तमान पट्टाचार्य आचार्य 108 समयसागर जी महामुनिराज के अवतरण दिवस पर आयोजित दो दिवसीय गुरु-अवतरण दिवस महोत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ हुआ।
आर्यिका मां 105 तपोमती माता ससंघ के सानिध्य तथा ब्रह्मचारिणी पिंकी दीदी, अंजना दीदी के मार्गदर्शन में 25 और 26 अक्टूबर को आयोजित महोत्सव में अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, आचार्य की छत्तीसी विधान, मंगल प्रवचन, गुरु-स्मृति संस्मरण प्रतियोगिता और भजन संध्या सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम हुए। महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने 108 द्रव्यों की थालियों से दोनों आचार्य भगवंतों की पूजन-अर्चना कर गुरु-परंपरा के प्रति श्रद्धा व समर्पण व्यक्त किया। मंगल प्रवचनों में धर्म, संयम, त्याग और आत्मकल्याण के संदेश दिया। गुरु-स्मृति संस्मरण प्रतियोगिता में श्रद्धालुओं ने आचार्य भगवंतों के सानिध्य में बिताए अविस्मरणीय क्षणों को साझा किया।
कीर्ति स्तंभ परिसर में खीर पूड़ी का वितरण किया शरद पूर्णिमा पर 26 अक्टूबर को कीर्ति स्तंभ परिसर में सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक खीर-पूड़ी का वितरण किया गया। वहीं शाम 7:30 बजे आयोजित संगीतमय मंगल आरती व भजन संध्या में प्रियंक जैन रिंटू और उनकी टीम ने गुरु-महिमा, जिनभक्ति से जुड़े भजनों की प्रस्तुति दी। श्रीदिगम्बर जैन पंचायत के कोषाध्यक्ष राहुल जैन राही ने बताया कि महोत्सव में समाज के वरिष्ठजनों, महिला मंडल, बहू मंडल, बालिका मंडल, युवा मंडल, श्रीविद्यासमय तपोसाधना समिति सहित समाज के सभी वर्गों का सहयोग रहा।




