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CG : छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात! अब अस्पताल में नहीं देना होगा इलाज का पैसा; जानें पूरी व्यवस्था ….

By kadwaghut|28 Oct 2026, 11:23 AM
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रायपुर: छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य मंत्रिपरिषद ने शासकीय सेवकों और उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत पात्र सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। इससे इलाज के दौरान पहले अपनी जेब से चिकित्सा खर्च उठाने और बाद में प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की परेशानी कम होगी। राज्य सरकार के इस निर्णय को सरकारी कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा और आर्थिक राहत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेष रूप से गंभीर बीमारियों, दुर्घटनाओं और आपातकालीन परिस्थितियों में यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है।

सरकारी कर्मचारियों को नहीं करना पड़ेगा पहले भुगतान मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत नई व्यवस्था के अनुसार, पात्र शासकीय सेवक सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित नियमों के तहत कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकेंगे। वर्तमान चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था में कई बार कर्मचारियों को इलाज का खर्च पहले स्वयं उठाना पड़ता है। इसके बाद चिकित्सा बिल, दस्तावेज और अन्य आवश्यक प्रमाणपत्र जमा कर प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन करना होता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य इसी प्रक्रिया को आसान बनाना है। इससे कर्मचारियों को इलाज के समय बड़ी राशि का इंतजाम करने की परेशानी से राहत मिलेगी। हालांकि, कैशलेस सुविधा का लाभ योजना की निर्धारित शर्तों, पात्रता और उपचार संबंधी नियमों के अनुसार ही मिलेगा।

कर्मचारियों के साथ आश्रितों को भी मिलेगा लाभ छत्तीसगढ़ सरकार ने इस सुविधा में केवल शासकीय सेवकों को ही नहीं, बल्कि उनके पात्र आश्रित परिवारजनों को भी शामिल करने का निर्णय लिया है। इसका अर्थ है कि योजना के अंतर्गत पात्रता रखने वाले परिवार के सदस्य भी सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकेंगे। गंभीर बीमारी की स्थिति में किसी परिवार को अचानक बड़ी राशि की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे समय में कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था से उपचार शुरू कराने में आर्थिक बाधाएं कम होने की उम्मीद है। आश्रित परिवारजनों की पात्रता और सुविधा की विस्तृत शर्तें योजना के क्रियान्वयन संबंधी दिशा-निर्देशों से स्पष्ट होंगी।

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ऑनलाइन होगी इलाज की मंजूरी और क्लेम प्रक्रिया कैशलेस चिकित्सा सुविधा को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए राज्य सरकार ने डिजिटल व्यवस्था अपनाने का भी निर्णय लिया है। नई प्रणाली के तहत इलाज से संबंधित पूर्व-अनुमोदन और दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी। इससे कर्मचारियों को दस्तावेज जमा करने और चिकित्सा प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया में होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी। डिजिटल प्रक्रिया लागू होने से अस्पताल, कर्मचारी और संबंधित विभाग के बीच चिकित्सा दावों की जानकारी का आदान-प्रदान अधिक व्यवस्थित हो सकेगा। इस व्यवस्था से उपचार संबंधी अनुमोदन और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की भी उम्मीद है।

गंभीर बीमारी और आपातकाल में मिलेगी आर्थिक राहत मंत्रिपरिषद के इस फैसले का महत्वपूर्ण पहलू गंभीर बीमारी और आपातकालीन चिकित्सा की परिस्थितियों में कर्मचारियों और उनके परिवारों को राहत पहुंचाना है। कई बार अचानक बीमारी या दुर्घटना होने पर अस्पताल में भर्ती कराने और उपचार के लिए तत्काल बड़ी राशि की आवश्यकता होती है। ऐसी परिस्थिति में परिवार के सामने आर्थिक कठिनाई खड़ी हो सकती है। कैशलेस व्यवस्था लागू होने पर पात्र कर्मचारियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार बिना अग्रिम भुगतान के उपचार की सुविधा मिल सकेगी। इससे परिवारों को इलाज के लिए धन की व्यवस्था करने की चिंता कम होगी और वे मरीज के उपचार पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। सूचीबद्ध अस्पतालों में मिलेगी सुविधा नई योजना का लाभ निर्धारित सूचीबद्ध अस्पतालों में मिलेगा। इसका मतलब है कि अस्पतालों का चयन और सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया योजना के संचालन का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। सरकारी कर्मचारियों के लिए यह जानना आवश्यक होगा कि उनके शहर या जिले में कौन-कौन से अस्पताल योजना के अंतर्गत शामिल किए गए हैं। फिलहाल उपलब्ध मंत्रिपरिषद निर्णय में अस्पतालों की अंतिम सूची, उपचार की अधिकतम राशि, पात्रता की विस्तृत शर्तों और योजना लागू होने की निश्चित तारीख की जानकारी नहीं दी गई है। इन विषयों पर शासन की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। साय कैबिनेट के फैसले से कर्मचारियों को सहूलियत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के इस निर्णय से सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों की चिकित्सा सुविधा को सरल बनाने का रास्ता साफ हुआ है। कैशलेस व्यवस्था का उद्देश्य उपचार के दौरान होने वाले आर्थिक दबाव को कम करना और चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति से जुड़ी लंबी प्रक्रियाओं को आसान बनाना है। अब कर्मचारियों की नजर योजना के विस्तृत नियमों, सूचीबद्ध अस्पतालों और इसके लागू होने की तारीख पर रहेगी। योजना प्रभावी होने के बाद निर्धारित पात्रता वाले कर्मचारियों और उनके आश्रितों को इसका लाभ मिल सकेगा।

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