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CG : छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलेंगे 15 हजार रुपये प्रति एकड़! 31 अक्टूबर तक कराएं पंजीयन; जानें किसे मिलेगा लाभ और कैसे करें आवेदन …

By kadwaghut|28 Oct 2026, 10:54 AM
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रायपुर : छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए कृषक उन्नति योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल लगाने पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ तक आदान सहायता राशि मिलेगी। वहीं, पहले से दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की खेती करने वाले पात्र किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता दी जाएगी। योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसानों को 31 अक्टूबर 2026 तक पंजीयन कराना अनिवार्य है। बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर कृषि विभाग ने किसानों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है। किसानों को यह आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।

धान की जगह दूसरी फसल लगाने पर मिलेंगे 15 हजार रुपये प्रति एकड़ छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को परंपरागत धान की खेती के साथ अन्य फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत खरीफ वर्ष 2026 में धान के स्थान पर दूसरी पात्र खरीफ फसल लेने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह सहायता किसानों को नई फसल अपनाने, खेती की लागत कम करने और कृषि आय बढ़ाने के उद्देश्य से दी जा रही है। हालांकि, 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की राशि सभी किसानों को स्वतः नहीं मिलेगी। इसके लिए किसानों को योजना की निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।

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दलहन, तिलहन और मक्का की खेती पर 10 हजार रुपये की सहायता सरकार ने धान के अलावा अन्य फसलों की खेती करने वाले किसानों के लिए भी प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया है। जो किसान पहले से दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों की खेती कर रहे हैं, उन्हें पात्रता के अनुसार 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की आदान सहायता प्रदान की जाएगी। कृषि विभाग के अनुसार, योजना का उद्देश्य फसल विविधीकरण के माध्यम से किसानों को लाभकारी खेती के अवसर उपलब्ध कराना है।

किसानों के पास अब केवल तीन दिन कृषक उन्नति योजना के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। आज 28 अक्टूबर होने के कारण किसानों के पास निर्धारित अंतिम तारीख तक केवल तीन दिन शेष हैं। ऐसे में जो किसान अभी तक पंजीयन नहीं करा पाए हैं, उन्हें जल्द आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है। बालोद जिला प्रशासन ने किसानों से कहा है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और अपनी निकटतम सेवा सहकारी समिति में पहुंचकर पंजीयन कराएं। निर्धारित समय-सीमा में पंजीकरण पूरा करने से पात्र किसानों को योजना का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया में सुविधा होगी।

कृषक उन्नति योजना के लिए कैसे करें आवेदन? किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से पंजीयन कराना होगा। इसके लिए संबंधित सेवा सहकारी समिति की सहायता ली जा सकती है। आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार है- 1. किसान अपने क्षेत्र की निकटतम सेवा सहकारी समिति में जाएं। 2. कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत पंजीयन कराने की जानकारी दें। 3. एकीकृत किसान पोर्टल पर अपने किसान विवरण और फसल संबंधी जानकारी का सत्यापन कराएं। 4. आवश्यकतानुसार नया पंजीयन, फसल सुधार या कैरीफॉरवर्ड प्रक्रिया पूरी कराएं। 5. पंजीयन की पुष्टि कर लें और संबंधित समिति से आवेदन की स्थिति की जानकारी प्राप्त करें। अन्य जिलों से जारी कृषि विभाग की जानकारी के अनुसार, किसानों का एग्रीस्टेक में पंजीयन होना भी आवश्यक बताया गया है। इसलिए किसानों को अपनी सेवा सहकारी समिति से इसकी स्थिति की पुष्टि कर लेनी चाहिए। सीधे बैंक खाते में आएगी योजना की सहायता राशि कृषक उन्नति योजना में पात्र किसानों को मिलने वाली सहायता राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी। सरकार इसके लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी प्रणाली का उपयोग करेगी। इस व्यवस्था के माध्यम से स्वीकृत सहायता राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित की जाएगी। इसके लिए किसान का पंजीयन, पात्र फसल और रकबे का सत्यापन तथा बैंक संबंधी विवरण सही होना आवश्यक है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे संबंधित सहकारी समिति में अपने पंजीयन और बैंक खाते की जानकारी की जांच करा लें, जिससे सहायता राशि प्राप्त करने में परेशानी न हो। फसल विविधीकरण से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर छत्तीसगढ़ में धान प्रमुख फसलों में शामिल है। ऐसे में राज्य सरकार धान के साथ दलहन, तिलहन, मक्का और लघु धान्य जैसी फसलों की खेती को भी बढ़ावा दे रही है। फसल विविधीकरण से किसानों को विभिन्न फसलों की खेती करने के अवसर मिल सकते हैं। इससे स्थानीय मिट्टी, जल उपलब्धता और बाजार की मांग के अनुसार फसल चुनने में मदद मिल सकती है। सरकार का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, कृषि उत्पादन में विविधता लाना और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। बालोद कलेक्टर ने किसानों से की विशेष अपील बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर कृषि विभाग ने जिले के किसानों से कृषक उन्नति योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित समय में पंजीयन कराने की अपील की है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि पात्र किसान 31 अक्टूबर 2026 से पहले संबंधित सेवा सहकारी समिति में पहुंचकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें। किसानों को योजना की पात्रता, फसल संबंधी शर्तों और पंजीयन के लिए अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या सहकारी समिति से संपर्क करने की सलाह दी गई है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह योजना फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के साथ पात्र किसानों को खेती के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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