छत्तीसगढ़

पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान का होगा दस्तावेजीकरण, औषधीय पौधों के संरक्षण और संवर्धन पर जोर

By Admin|25 Oct 2026, 10:06 PM
f X W

रायपुर
छत्तीसगढ़ में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और औषधीय ज्ञान के संरक्षण की दिशा में प्रदेश के 6 जिलों के 309 पारंपरिक वैद्यों को स्वैच्छिक प्रमाणन के अंतर्गत प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा कोण्डागांव में आयोजित कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने वैद्यों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। बोर्ड ने 31 मार्च 2027 तक प्रदेश के एक हजार पारंपरिक वैद्यों के प्रमाणन का लक्ष्य रखा है।

वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में हमारी सरकार पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और वन्य औषधियों के संरक्षण हेतु पूरी तरह संकल्पित है। हमारी यह स्वास्थ्य परंपरा पूरे छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहर है। पारंपरिक वैद्यों का ज्ञान औषधीय वनस्पतियों की पहचान और पीढ़ियों के अनुभवों पर आधारित है। इस ज्ञान का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण कर इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना आवश्यक है। उन्होंने औषधीय पौधों के संरक्षण और संवर्धन पर जोर देते हुए अधिकारियों को पंचायतों की उपलब्ध भूमि, घरों की बाड़ियों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर इनके रोपण को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि स्थानीय वन उत्पादों, औषधीय पौधों और पारंपरिक खाद्य पदार्थों की बेहतर ब्रांडिंग, प्रसंस्करण और विपणन से ग्रामीण समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने साल बीज सहित अन्य वन उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर कार्य करने और कोदो, कुटकी और रागी जैसे पारंपरिक अनाज के पोषण संबंधी महत्व को रेखांकित करते हुए इनके उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

READ ALSO  छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM विजय शर्मा ने दुर्गा उत्सव समितियों के पंडालों में की पूजा, जसगीतों में हुए शामिल

 कार्यक्रम में बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोण्डागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में पारंपरिक वैद्य तथा वन विभाग एवं औषधि पादप बोर्ड के अधिकारी उपस्थित थे।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button