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CG : छत्तीसगढ़ में फसल गिरदावरी पर संकट, तहसीलदार संघ ने CM साय को लिखा पत्र …

By kadwaghut|24 Oct 2026, 12:04 PM
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बलौदाबाजार : छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच फसल गिरदावरी का काम प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। पटवारियों की अनुपस्थिति में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को PV App के जरिए मैदानी फसल सर्वेक्षण की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर तहसीलदार संघ ने आपत्ति जताई है। संघ ने 23 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर अनिवार्य मैदानी सर्वेक्षण से राहत देने और डिजिटल फसल सर्वे में आ रही तकनीकी समस्याओं के समाधान की मांग की है।

23.67 लाख खसरों की प्रविष्टियां लंबित तहसीलदार संघ द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि प्रदेश में कुल 32,15,837 खसरों में से 8,48,504 की प्रविष्टियां पूरी हुई हैं, जबकि 23,67,333 खसरों की प्रविष्टियां लंबित हैं। वहीं, धान की फसल वाले कुल 16,24,868 खसरों में से 5,67,991 की प्रविष्टियां पूरी हो चुकी हैं। शेष 10,56,873 खसरों की प्रविष्टियां लंबित बताई गई हैं। ये आंकड़े संघ के पत्र में दी गई स्थिति के अनुसार हैं।

PV App में तकनीकी समस्याओं से बढ़ी परेशानी तहसीलदार संघ का कहना है कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के दौरान GPS की अशुद्धता, कमजोर इंटरनेट नेटवर्क, सर्वर संबंधी समस्याएं और गैर-जियोरेफरेंस्ड खसरों जैसी तकनीकी परेशानियां सामने आ रही हैं। इसके अलावा पॉलीगॉन ट्रेसिंग और दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचने में भी कठिनाई हो रही है। संघ के अनुसार, इन समस्याओं का समाधान किए बिना निर्धारित समयसीमा में फसल सर्वेक्षण पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित होने की आशंका संघ ने कहा है कि तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के पास पहले से नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और राजस्व न्यायालयों से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। ऐसे में अतिरिक्त मैदानी सर्वेक्षण कार्य सौंपने से नियमित राजस्व सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इससे आम नागरिकों को भी अपने प्रकरणों के निराकरण के लिए अधिक इंतजार करना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री से की गईं प्रमुख मांगें

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तहसीलदार संघ ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में पटवारियों की हड़ताल का शीघ्र समाधान निकालने, डिजिटल फसल सर्वेक्षण की तकनीकी खामियां दूर करने और सर्वेक्षण के लिए व्यावहारिक समयसीमा निर्धारित करने की मांग की है। इसके साथ ही तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को अनिवार्य मैदानी सर्वेक्षण से मुक्त रखने तथा लंबित सर्वे के सत्यापन और अनुमोदन के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करने का आग्रह किया गया है। फिलहाल पटवारियों की हड़ताल और तहसीलदार संघ की आपत्ति के बीच शासन के सामने फसल सर्वेक्षण पूरा कराने और नियमित राजस्व सेवाएं सुचारु रखने की दोहरी चुनौती बनी हुई है।

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