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CG : रायपुर में 11 मेडिकल स्टोर्स पर NCB और औषधि विभाग की दबिश, 4 दुकानों को नोटिस …

By kadwaghut|24 Oct 2026, 11:33 AM
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रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नशीले पदार्थों के रूप में दुरुपयोग की आशंका वाली दवाओं के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के उद्देश्य से स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (NCB) और खाद्य एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने मेडिकल स्टोर्स की जांच की। शुक्रवार को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित कुल 11 मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान चार मेडिकल दुकानों में दवाओं की खरीदी-बिक्री से संबंधित अभिलेखों के रखरखाव में अनियमितताएं सामने आईं। इस मामले में संबंधित चारों फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संबंधित मेडिकल स्टोर्स से जवाब मिलने और दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

रायपुर के 11 मेडिकल स्टोर्स में पहुंची संयुक्त टीम स्वापक नियंत्रण ब्यूरो और जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने औषधियों की बिक्री, खरीद और भंडारण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह संयुक्त निरीक्षण किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसी औषधियों के अवैध क्रय-विक्रय, अनधिकृत भंडारण और वितरण पर नियंत्रण रखना था, जिनका नशीले पदार्थों के रूप में दुरुपयोग किए जाने की आशंका रहती है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मेडिकल स्टोर्स में उपलब्ध दवाओं के स्टॉक, खरीद के बिल, बिक्री से संबंधित दस्तावेज और भंडारण की व्यवस्था की जांच की। अधिकारियों ने यह भी देखा कि संबंधित दवाओं की खरीदी अधिकृत स्रोतों से की जा रही है या नहीं और मेडिकल स्टोर संचालक निर्धारित नियमों के अनुसार रिकॉर्ड का संधारण कर रहे हैं या नहीं।

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इन चार मेडिकल स्टोर्स में मिली अनियमितता जांच के दौरान चार मेडिकल दुकानों में औषधियों के क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेखों के संधारण में अनियमितताएं पाई गईं। सर मेडिकल्स भनपुरी। श्री राम मेडिकल स्टोर्स कोटा। लक्ष्मी मेडिकल शॉप संतोषी नगर। मां लक्ष्मी मेडिकल स्टोर्स कुकुरबेड़ा। इन चारों फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस के माध्यम से संचालकों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि उपलब्ध निरीक्षण रिपोर्ट में इन दुकानों से नशीली दवाओं की अवैध बिक्री या भंडारण की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल सामने आई अनियमितताएं दवाओं की खरीदी-बिक्री के रिकॉर्ड के संधारण से संबंधित हैं।

जवाब मिलने के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार, जिन मेडिकल स्टोर्स में रिकॉर्ड से संबंधित अनियमितताएं पाई गई हैं, उन्हें नियमानुसार अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है। संबंधित फर्मों से प्राप्त जवाब, उपलब्ध अभिलेखों और जांच में सामने आए तथ्यों का परीक्षण करने के बाद आगे की कार्रवाई निर्धारित की जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेडिकल स्टोर संचालक दवाओं की खरीदी, बिक्री और भंडारण से जुड़े सभी नियमों का पालन करें।

दवाओं के रिकॉर्ड की जांच क्यों जरूरी? औषधियों के सुरक्षित वितरण और बिक्री के लिए मेडिकल स्टोर्स में सही रिकॉर्ड रखना आवश्यक है। दवाओं की खरीद कहां से हुई, कितना स्टॉक उपलब्ध है और किन नियमों के अंतर्गत उनकी बिक्री की जा रही है, इन सभी बातों की जानकारी अभिलेखों के माध्यम से प्राप्त होती है। कुछ औषधियों का अनुचित उपयोग स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इसी कारण ऐसी दवाओं की बिक्री और वितरण की निगरानी महत्वपूर्ण होती है। मेडिकल स्टोर्स में खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड व्यवस्थित नहीं होने पर दवाओं की आपूर्ति और वितरण का सत्यापन करना कठिन हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा स्टॉक और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाती है। संयुक्त निरीक्षण दल में ये अधिकारी रहे शामिल रायपुर जिले में मेडिकल स्टोर्स के निरीक्षण के लिए गठित संयुक्त टीम में खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पांच अधिकारी शामिल रहे। इनमें औषधि निरीक्षक डॉ. सुरेश कुमार साहू, ईश्वरी नारायण सिंह, लक्ष्मी वर्मा, हंसा साहू और ओम प्रकाश यादव शामिल थे। इसके अलावा स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के चार अधिकारी भी संयुक्त निरीक्षण दल में मौजूद रहे। अधिकारियों ने अलग-अलग मेडिकल दुकानों में पहुंचकर दवाओं की खरीद-बिक्री, उपलब्ध स्टॉक और संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। मेडिकल स्टोर संचालकों को नियमों के पालन की हिदायत खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों से अपील की है कि वे औषधियों की खरीद केवल वैध और अधिकृत स्रोतों से करें। साथ ही दवाओं के स्टॉक, खरीद और बिक्री से संबंधित दस्तावेज निर्धारित नियमों के अनुसार अद्यतन रखें। संचालकों को औषधि लाइसेंस की शर्तों तथा लागू नियमों का कड़ाई से पालन करने की भी हिदायत दी गई है। विभाग का कहना है कि रिकॉर्ड और भंडारण संबंधी नियमों का पालन करने से औषधियों के वितरण की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकती है। आगे भी जारी रहेगा निरीक्षण अभियान खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार, औषधियों के अवैध क्रय-विक्रय और दुरुपयोग को रोकने के लिए संबंधित विभागों के समन्वय से निरीक्षण और निगरानी का कार्य जारी रहेगा। रायपुर में 11 मेडिकल स्टोर्स के निरीक्षण के दौरान चार फर्मों के रिकॉर्ड में अनियमितताएं सामने आने के बाद संबंधित संचालकों से जवाब मांगा जा रहा है। आगे की कार्रवाई अभिलेखों की जांच और संबंधित फर्मों के स्पष्टीकरण के आधार पर की जाएगी। फिलहाल प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य दवा कारोबार में नियमों का पालन सुनिश्चित करना और प्रतिबंधित या नियंत्रित औषधियों के संभावित दुरुपयोग को रोकना है।

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