राजनांदगांव : शारदा को मिला पांचवां राजनांदगांव रत्न सम्मान…

राजनांदगांव , समाजसेवा, धर्मसेवा और जनप्रतिनिधि के रूप में योगदान देने वालीं शारदा तिवारी को पांचवें राजनांदगांव रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। बागेश्वर मंदिर धर्मार्थ ट्रस्ट एवं मां बमलेश्वरी देवी पदयात्री संयुक्त सेवा पंडाल की ओर से संस्कार सेवा नवरात्रि महोत्सव के तहत बागेश्वर धाम उत्सव भवन में आयोजित समारोह में उन्हें प्रतीक चिह्न, शॉल और श्रीफल भेंट किया गया। समारोह में करीब 45 सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं और संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
शारदा तिवारी राजनांदगांव की निवासी हैं। वे वर्षों से कस्तूरबा महिला मंडल, लायंस क्लब, लीनेस क्लब और मनोकामना सेवा संस्था सहित विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों के माध्यम से सेवा कार्यों में सक्रिय हैं। वे दो बार पार्षद रह चुकी हैं और प्रदेश महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर भी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। इससे पहले यह सम्मान समाजसेवी डॉ. डीसी जैन, भागवताचार्य पं. विनोद बिहारी गोस्वामी, धर्मसेवी अशोक लोहिया और पद्मश्री फूलबासन बाई यादव को प्रदान किया जा चुका है। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन, माता की आरती और प्रज्ञा गुप्ता द्वारा छत्तीसगढ़ राज्यगीत की प्रस्तुति से हुई। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नारायण कन्नौजे ने शारदा तिवारी का जीवन परिचय बताया।
समारोह में जनसेवा और संस्कार का दिया संदेश सम्मान समारोह से पहले भागवताचार्य पं. विनोद बिहारी गोस्वामी ने ‘नवरात्रि सेवा संस्कार’ विषय पर प्रवचन दिया। उन्होंने धर्मसेवा, संस्कार, आचरण और व्यवहार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए माता की आराधना तथा पदयात्रियों की सेवा को भी पुण्य कार्य बताया। आयोजकों ने पं. गोस्वामी को प्रतीक चिह्न और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद उत्सव भवन में महिलाओं ने मां नवदुर्गा और मां बमलेश्वरी की आराधना में भारतीय परंपरा और परिधानों पर आधारित गरबा नृत्य प्रस्तुत किया। आयोजन में कन्या पूजन और कन्या भोज के बाद विशाल भंडारा हुआ।




