CG : कृषि अधिकारी पर 13 लाख की धोखाधड़ी का आरोप, FIR दर्ज …

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में पदस्थ कृषि विस्तार अधिकारी राकेश रत्नेश के खिलाफ करीब 13 लाख रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कृषि औषधि व्यापारियों से लाखों रुपए की दवाइयां खरीदीं, लेकिन उनका भुगतान नहीं किया। लंबे समय तक रकम नहीं मिलने से परेशान दुकानदारों ने कसडोल थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कृषि विस्तार अधिकारी के खिलाफ
एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला दर्ज होने के बाद से अधिकारी फरार बताया जा रहा है। पुलिस तकनीकी माध्यमों से उसकी लोकेशन का पता लगाकर गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। वहीं, कृषि विभाग ने भी मामले की जानकारी उच्च कार्यालय को भेज दी है। कृषि दवाइयां लेकर भुगतान नहीं करने का आरोप जानकारी के मुताबिक, कसडोल क्षेत्र के कृषि औषधि व्यापारियों ने कृषि विस्तार अधिकारी राकेश रत्नेश के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। दुकानदारों का आरोप है कि अधिकारी ने अपने सरकारी पद का प्रभाव दिखाकर उनसे कृषि से संबंधित दवाइयां ली थीं। इसके बदले भुगतान करने की बात कही गई थी, लेकिन लंबे समय तक रकम नहीं लौटाई गई। व्यापारियों के अनुसार, बकाया राशि करीब 13 लाख रुपए है। भुगतान नहीं मिलने के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
दो महीने से ड्यूटी पर नहीं पहुंचा अधिकारी इस मामले में कृषि विभाग के उपसंचालक दीपक नायक ने बताया कि कृषि विस्तार अधिकारी राकेश रत्नेश के खिलाफ कसडोल थाने में एफआईआर दर्ज होने की सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारी पिछले दो महीने से अपने कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं हो रहा है। लगातार अनुपस्थित रहने के कारण उसका वेतन भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। विभाग ने एफआईआर दर्ज होने की जानकारी उच्च कार्यालय को भेज दी है। फिलहाल अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
कलेक्टर कार्यालय में पहले भी हुई थी शिकायत उपसंचालक कृषि दीपक नायक के अनुसार, राकेश रत्नेश के खिलाफ पूर्व में भी कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलने के बाद मामले की विभागीय जांच कराई गई थी। अधिकारी के अनुसार, जांच में आरोप सही पाए गए थे और इसकी रिपोर्ट उच्च कार्यालय को भेज दी गई थी। हालांकि, मामला व्यक्तिगत लेन-देन से संबंधित होने के कारण उस समय विभागीय कार्रवाई नहीं की गई थी। अब पुलिस में एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की तैयारी है।
गिरफ्तारी के बाद विभागीय कार्रवाई की बात कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी होने के बाद नियमानुसार आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उसके कार्यस्थल से अनुपस्थित रहने और पुलिस में दर्ज मामले की जानकारी वरिष्ठ कार्यालय को दे दी गई है। अधिकारी के खिलाफ विभागीय स्तर पर अंतिम कार्रवाई क्या होगी, यह संबंधित नियमों और आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। तकनीकी लोकेशन के आधार पर तलाश अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोमन सिन्हा ने बताया कि कसडोल थाने में कृषि औषधि व्यापारियों की शिकायत पर कृषि विस्तार अधिकारी राकेश रत्नेश के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। तकनीकी माध्यमों की सहायता से उसकी लोकेशन से संबंधित जानकारी मिली है। एडिशनल एसपी के अनुसार, पुलिस जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। जांच में बढ़ सकती है धोखाधड़ी की रकम पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कथित धोखाधड़ी की राशि करीब 13 लाख रुपए है। एडिशनल एसपी कोमन सिन्हा ने बताया कि विस्तृत विवेचना के दौरान अन्य लेन-देन सामने आने पर यह रकम बढ़ भी सकती है। फिलहाल पुलिस व्यापारियों की शिकायत, बकाया भुगतान और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।




