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CG : ऋतु देवांगन ने सिलाई और स्वरोजगार से बदली अपनी जिंदगी …

By kadwaghut|23 Jul 2026, 1:58 PM
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सूरजपुर । ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्व-सहायता समूह महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक मिसाल हैं ग्राम छतरंग की श्रीमती ऋतु देवांगन, जो माँ कुदरगढ़ी स्व-सहायता समूह से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं।समूह से जुड़ने से पहले ऋतु देवांगन के परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी। परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्हें मजदूरी करनी पड़ती थी और कई बार घर की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति भी मुश्किल हो जाती थी। वर्ष 2015 में आंध्रप्रदेश से आए सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों (सीआरपी) के माध्यम से उन्होंने स्व-सहायता समूह की जानकारी प्राप्त की और समूह से जुड़ने का निर्णय लिया।

समूह से जुड़ने के बाद उन्हें रिवॉल्विंग फंड (आरएफ) से 03 हजार रुपये का ऋण मिला, जिससे उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और सिलाई कार्य शुरू किया। धीरे-धीरे उनकी आय बढ़ने लगी। इसके बाद सीआईएफ के माध्यम से 25 हजार रुपये का ऋण प्राप्त कर उन्होंने ईंट निर्माण का कार्य प्रारंभ किया, जिससे लगभग 30 हजार रुपये का लाभ अर्जित हुआ। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया।

आगे चलकर उन्हें बैंक से 01 लाख रुपये का ऋण मिला, जिससे उन्होंने एक वाहन खरीदा। वर्तमान में वाहन से प्रतिमाह लगभग 10 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। आज ऋतु देवांगन सिलाई कार्य एवं अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से प्रतिमाह 15 से 17 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं।

उनके उद्यम की कुल लागत 1.70 लाख रुपये रही, जबकि अब तक 2.10 लाख रुपये का लाभ प्राप्त हो चुका है। समूह से उन्होंने कुल 1.50 लाख रुपये का ऋण लिया तथा उनकी वार्षिक आय लगभग 1.20 लाख रुपये है।

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ऋतु देवांगन का कहना है कि स्व-सहायता समूह ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी दिया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय शासन की आजीविका योजनाओं एवं स्व-सहायता समूह को देते हुए इसके लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

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