छत्तीसगढ़

CG : पर्यटकों के लिए खुशखबरी! 20 अक्टूबर से खुलेगी बस्तर की रहस्यमयी कुटुमसर गुफा …

By kadwaghut|19 Oct 2026, 11:04 AM
f X W

जगदलपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर में पर्यटन प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अनोखी भूगर्भीय संरचनाओं के लिए प्रसिद्ध कुटुमसर गुफा के द्वार करीब चार महीने बाद पर्यटकों के लिए फिर से खुलने जा रहे हैं। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन ने 20 अक्टूबर 2026 से कुटुमसर गुफा तक जिप्सी सफारी शुरू करने का निर्णय लिया है। इस बार पर्यटक निर्धारित समय से 12 दिन पहले ही गुफा की प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद ले सकेंगे। मानसून के दौरान सुरक्षा कारणों से बंद रखी गई इस प्रसिद्ध गुफा के खुलने से बस्तर के पर्यटन कारोबार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। अब पर्यटक एक बार फिर घने जंगलों के बीच रोमांचक सफर करते हुए गुफा की रहस्यमयी दुनिया को करीब से देख सकेंगे।

चार महीने बाद खुलेंगे कुटुमसर गुफा के द्वार कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की कुटुमसर गुफा वर्षा ऋतु के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बंद रखी जाती है। इस वर्ष 17 जून से 30 सितंबर तक गुफा में पर्यटन गतिविधियां बंद रखने का निर्णय लिया गया था। मानसून के समय गुफा के भीतर जलभराव, जंगल के रास्तों की खराब स्थिति और अन्य प्राकृतिक जोखिमों के कारण पर्यटकों का प्रवेश सुरक्षित नहीं माना जाता। आमतौर पर हर साल एक नवंबर से जिप्सी सफारी प्रारंभ की जाती है, लेकिन इस बार मानसून की बारिश जल्दी समाप्त होने और मौसम अनुकूल रहने के कारण 20 अक्टूबर से ही पर्यटन गतिविधियां शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से दशहरा और त्योहारों के आसपास बस्तर घूमने की योजना बनाने वाले पर्यटकों को भी लाभ मिलने की संभावना है।

READ ALSO  CG : रायपुर सराफा एसोसिएशन की बैठक में कैश ट्रांजैक्शन लिमिट बढ़ाने की मांग ...

अब 12 दिन पहले शुरू होगी जिप्सी सफारी कुटुमसर गुफा तक पहुंचने का सफर पर्यटकों के लिए किसी रोमांच से कम नहीं है। कांगेर घाटी के घने जंगलों के बीच से गुजरने वाली जिप्सी सफारी में पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण और वन क्षेत्र की जैव विविधता देखने का अवसर मिलता है। इस दौरान पर्यटक जंगलों की हरियाली, प्राकृतिक रास्तों और बस्तर की शांत वादियों का आनंद ले सकते हैं। उद्यान प्रबंधन के निर्णय के अनुसार, इस बार सफारी सामान्य कार्यक्रम से 12 दिन पहले शुरू होगी। इससे पर्यटन सीजन की शुरुआत जल्दी हो सकेगी और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

कुटुमसर गुफा छत्तीसगढ़ की प्रमुख प्राकृतिक धरोहरों में शामिल है। यह विशेष रूप से अपनी चूना-पत्थर की भूगर्भीय संरचनाओं के लिए प्रसिद्ध है। गुफा के भीतर हजारों वर्षों में खनिजयुक्त पानी के रिसाव से बनी आकर्षक आकृतियां दिखाई देती हैं। इनमें छत से नीचे लटकने वाली चट्टानी संरचनाएं और जमीन से ऊपर उठने वाले पत्थर के स्तंभ शामिल हैं। वैज्ञानिक भाषा में इन्हें स्टैलेक्टाइट और स्टैलेग्माइट कहा जाता है। इन प्राकृतिक आकृतियों की बनावट और आकार पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। गुफा के भीतर अंधेरा, नमी और चट्टानों की अनोखी संरचनाएं इसे अन्य पर्यटन स्थलों से अलग बनाती हैं। बस्तर जिला प्रशासन भी इसे क्षेत्र के प्रमुख पर्यावरणीय पर्यटन स्थलों में शामिल करता है।

देश-विदेश के पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध है कुटुमसर गुफा कुटुमसर गुफा केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। प्राकृतिक गुफाओं, जैव विविधता और भूगर्भीय अध्ययन में रुचि रखने वाले शोधार्थी भी इस क्षेत्र में पहुंचते हैं। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में मौजूद घने जंगल, प्राकृतिक वातावरण और वन्यजीवों की विविधता इस पर्यटन अनुभव को और खास बनाते हैं। बस्तर आने वाले पर्यटकों के लिए यह गुफा एक प्रमुख दर्शनीय स्थल मानी जाती है। पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग सतर्क कुटुमसर गुफा में पर्यटन गतिविधियां दोबारा शुरू होने के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उद्यान प्रबंधन के अनुसार, जिप्सी सफारी का संचालन मौसम की स्थिति, मार्ग की उपलब्धता और वन विभाग द्वारा निर्धारित सुरक्षा नियमों के अनुरूप होगा। पर्यटकों को गुफा भ्रमण के दौरान वन विभाग के कर्मचारियों और गाइड के निर्देशों का पालन करना होगा। प्राकृतिक चट्टानों और वन क्षेत्र में किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचाने की अपील भी की गई है। जंगल में प्लास्टिक और कचरा फैलाने से बचें कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन ने पर्यटकों से प्राकृतिक पर्यावरण और जैव विविधता के संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है। वन क्षेत्र में प्लास्टिक, पॉलिथीन या अन्य कचरा नहीं फैलाने तथा वन्यजीवों को परेशान नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा पर्यटकों को निर्धारित मार्गों और वन विभाग की अनुमति के अनुसार ही भ्रमण करने के लिए कहा गया है। बस्तर के पर्यटन कारोबार को मिलेगी नई रफ्तार कुटुमसर गुफा खुलने से स्थानीय पर्यटन कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सफारी वाहनों के चालक, स्थानीय गाइड, होटल संचालक, भोजनालय और पर्यटन से जुड़े छोटे व्यवसायों को पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने का लाभ मिल सकता है। विशेष रूप से मानसून के बाद पर्यटन सीजन की शुरुआत स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक गौतम नारायण पडिभार ने बताया कि करीब चार महीने बाद पर्यटन गतिविधियां शुरू होने से बस्तर के पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है। 20 अक्टूबर से पर्यटक कर सकेंगे गुफा का दीदार कुटुमसर गुफा के दोबारा खुलने से पर्यटकों में उत्साह बढ़ने की उम्मीद है। अब बस्तर की इस अनमोल प्राकृतिक विरासत को नजदीक से देखने का अवसर फिर उपलब्ध होगा। हालांकि, सफारी का वास्तविक संचालन मौसम और वन विभाग के दिशा-निर्देशों पर निर्भर रहेगा। 20 अक्टूबर 2026 से कुटुमसर गुफा तक पर्यटकों के लिए जिप्सी सफारी शुरू करने का कार्यक्रम निर्धारित है। पर्यटकों को यात्रा से पहले प्रवेश समय, टिकट और उपलब्धता की पुष्टि कर लेनी चाहिए।

READ ALSO  CG : घर लौट रहे थे माता-पिता और बेटा, रास्ते में हुए हादसे ने छीन ली तीनों की जिंदगी ...

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button