CG : नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, भाई का दोस्त निकला आरोपी…
रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत खरसिया चौकी पुलिस ने आरोपी जीवन लाल यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पीड़िता की मां ने पुलिस चौकी पहुंचकर की शिकायत पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को पीड़िता की मां खरसिया पुलिस चौकी पहुंचीं और अपनी नाबालिग बेटी के साथ हुए कथित अपराध की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रिया साहू को शिकायत दर्ज करने और पीड़िता का बयान लेने की जिम्मेदारी सौंपी। पुलिस ने पीड़िता और उसके परिजनों के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। भाई का परिचित होने के कारण घर आता-जाता था आरोपी पुलिस के अनुसार, आरोपी जीवन लाल यादव पीड़िता के भाई का मित्र था। इसी पहचान के कारण उसका परिवार के घर आना-जाना लगा रहता था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 14 जनवरी 2026 को पीड़िता घर में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी उसके घर पहुंचा और बातचीत के दौरान उसे पसंद करने की बात कही।
पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी ने उसका विश्वास हासिल कर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद भी कई अवसरों पर शारीरिक शोषण किए जाने का आरोप है। मां को संदेह होने पर सामने आया मामला पुलिस के मुताबिक, कुछ समय बाद पीड़िता के स्वास्थ्य से संबंधित बदलावों को देखकर उसकी मां को संदेह हुआ। जब मां ने बेटी से बातचीत की, तो उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क कर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी प्रक्रिया शुरू की और पीड़िता का बयान दर्ज कराया। पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की धाराओं में अपराध दर्ज खरसिया पुलिस ने आरोपी जीवन लाल यादव के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा और पॉक्सो एक्ट की धारा में तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। अभियान संवेदना के तहत पुलिस की त्वरित कार्रवाई रायगढ़ पुलिस की ओर से महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में संवेदनशीलता तथा तत्परता से कार्रवाई करने के उद्देश्य से ‘अभियान संवेदना’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत खरसिया पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला और बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है, ताकि पीड़ितों को समय पर कानूनी सहायता मिल सके।
पुलिस टीम के इन सदस्यों की रही महत्वपूर्ण भूमिका इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रिया साहू, आरक्षक धनंजय कश्यप, कीर्ति सिदार, साविल चंद्रा, सिदार सिंह और गोविन्द बनर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने पीड़िता के बयान, शिकायत और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की। SSP शशि मोहन सिंह ने दिया सख्त संदेश रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को पुलिस की प्राथमिकता बताया है। उन्होंने कहा, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों को रायगढ़ पुलिस गंभीरता से लेती है।
ऐसे मामलों में पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए संवेदनशीलता के साथ वैधानिक कार्रवाई की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रायगढ़ पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क रायगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले किसी भी अपराध की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। विशेष रूप से नाबालिगों से जुड़े मामलों में पीड़ित की पहचान गोपनीय रखना और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करना आवश्यक है। खरसिया में सामने आए मामले में आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस की विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।




