छत्तीसगढ़

आस की कच्ची छत से विश्वास के पक्के मकान तक

By Admin|21 Sep 2026, 7:55 PM
f X W

आस की कच्ची छत से विश्वास के पक्के मकान तक

 सोनिबाई की संघर्ष और सफलता की कहानी

​रायपुर

     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ में विकास की बयार हर जरूरतमंद के द्वार तक पहुँच रही है। राज्य सरकार की सुशासन नीति से दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों के ऐसे हज़ारों परिवारों के सपने साकार हो रहे हैं, जो वर्षों से एक पक्की छत की आस में संघर्षरत थे। ऐसी ही एक सुखद और जीवन बदलने वाली कहानी नारायणपुर जिले के ग्राम पंचायत भरंडा की रहने वाली श्रीमती सोनिबाई पति श्री संनु राम की है।
      ​सोनिबाई और उनका परिवार सालों से कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर था। बारिश के दिनों में टपकती छत, कड़कड़ाती ठंड में ठिठुरती रातें और तेज आंधियों का डर—हर मौसम उनके लिए एक नया इंतहान लेकर आता था। कच्चे घरौंदे में असुरक्षा और परेशानियों के बीच बीतते हर दिन के साथ एक सुरक्षित और पक्के मकान की आस धुंधली पड़ती जा रही थी। ​लेकिन, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सोनिबाई के परिवार के लिए एक नया सवेरा और वरदान बनकर आई। योजना के तहत स्वीकृत राशि और प्रशासन की सहज प्रक्रिया से उनका पक्के घर का सपना हकीकत में बदल गया। जब घर की पक्की नींव पड़ी और छत ढली, तो केवल एक मकान ही नहीं खड़ा हुआ, बल्कि उस परिवार का आत्मसम्मान और नए कल का भरोसा भी सुदृढ़ हुआ।
      ​अपनी खुशी और अनुभव साझा करते हुए श्रीमती सोनिबाई कहती हैं कि पुराने दिनों की तकलीफें याद कर आज भी मन सिहर उठता है। टपकती छत और कड़कड़ाती ठंड में नींद उड़ जाती थी। अब पक्का मकान मिलने से जिंदगी से असुरक्षा का साया हमेशा के लिए हट गया है। यह योजना हमारे जैसे गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
        ​मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुँचे। ग्राम भरंडा की सोनिबाई की यह सफलता की कहानी केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि राज्य सरकार के उस अटूट संकल्प की प्रतीक है, जो हर नागरिक को सम्मानजनक, सुरक्षित और खुशहाल जीवन देने के लिए कटिबद्ध है।

READ ALSO  राजनांदगांव : कलेक्ट्रेट गार्डन की दीवार सड़क की ओर झुकी, हादसे की आशंका बढ़ी...
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button