CG : कवर्धा में 5 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत से हड़कंप, कांग्रेस ने बनाई 7 सदस्यीय जांच समिति …
कवर्धा : छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में बैगा आदिवासी समुदाय के पांच बच्चों की मौत का मामला गंभीर होता जा रहा है। रेंगाखार वनांचल क्षेत्र के ग्राम नंदनी कुमान में पिछले कुछ महीनों के दौरान पांच बच्चों की मौत होने से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। इसी बीच छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए सात सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति गांव का दौरा कर मृत बच्चों के परिजनों, ग्रामीणों और स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत करेगी तथा अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।
चार महीने में पांच बच्चों की मौत से गांव में चिंता
कबीरधाम जिले के बैगा आदिवासी बाहुल्य गांव नंदनी कुमान में कुछ महीनों के भीतर पांच बच्चों की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बच्चों की मौत के पीछे किसी अज्ञात बीमारी की आशंका हो सकती है। हालांकि अब तक मौतों के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लगातार सामने आए मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीमें गांव पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच तथा आवश्यक जानकारी जुटा रही हैं। मौतों का कारण चिकित्सकीय जांच और संबंधित रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
16 बच्चों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
गांव में बच्चों की मौत के मामलों के बीच करीब 16 बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला में भर्ती कराए जाने की जानकारी सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में बच्चों की स्थिति की जांच कर रही है। एक ही गांव में कई बच्चों की मौत और अन्य बच्चों के अस्पताल पहुंचने से स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, नियमित चिकित्सकीय जांच और बच्चों के पोषण संबंधी पहलुओं पर ध्यान केंद्रित हुआ है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सभी बच्चों में एक जैसी बीमारी के लक्षण पाए गए हैं या नहीं। इसलिए किसी विशेष बीमारी को मौत का कारण बताना अभी उचित नहीं होगा।
कांग्रेस ने बनाई सात सदस्यीय जांच समिति
मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सात सदस्यीय जांच समिति गठित की है। मोहला-मानपुर विधायक इंद्रशाह मंडावी को समिति का संयोजक बनाया गया है। समिति में विधायक सावित्री मंडावी, जनक ध्रुव और हर्षिता स्वामी बघेल के अलावा पूर्व विधायक भानूप्रताप सिंह, ममता चंद्राकर तथा कवर्धा जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल को शामिल किया गया है। समिति को जल्द प्रभावित गांव का दौरा करने और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
मृत बच्चों के परिजनों और ग्रामीणों से होगी बातचीत
कांग्रेस की जांच समिति गांव पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेगी। इस दौरान बच्चों की मौत से जुड़ी परिस्थितियों, उपचार की उपलब्धता और ग्रामीणों की समस्याओं के संबंध में जानकारी जुटाई जाएगी। समिति स्वास्थ्यकर्मियों से भी बातचीत करेगी, ताकि यह समझा जा सके कि गांव में बच्चों को किस प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं और उनके उपचार के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। इसके बाद समिति अपने निष्कर्षों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।
बच्चों की मौत के पीछे क्या है वजह?
नंदनी कुमान गांव में बच्चों की मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों ने अज्ञात बीमारी की आशंका जताई है, लेकिन इस संबंध में आधिकारिक चिकित्सकीय निष्कर्ष सामने आना बाकी है। इस पूरे मामले में बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, समय पर उपचार और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति महत्वपूर्ण पहलू हैं। इन विषयों पर जांच के बाद ही मौतों की परिस्थितियों की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
पांच बच्चों की मौत के मामले में कांग्रेस की सात सदस्यीय समिति की रिपोर्ट का इंतजार रहेगा। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सकीय जांच से मौतों के वास्तविक कारणों का पता चलने की उम्मीद है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि बच्चों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और गांव में अन्य बच्चों की सुरक्षा तथा स्वास्थ्य के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।




