उत्तर प्रदेशराज्‍य

वाराणसी एयरशो की तैयारियां पूरी, पीएम मोदी और सीएम योगी समेत कई वीवीआईपी के शामिल होने की संभावना

By Admin|16 Oct 2026, 9:41 PM
f X W

 वाराणसी
 सप्ताह भर के बाद काशी के आसमान में जो होने जा रहा है वह पौराणिक महत्ता वाली काशी के लिहाज से ऐतिहासिक होने जा रहा है। दरअसल 22, 24 और 25 अक्टूबर को होने जा रहे एयरशो के लिए आयोजन की सारी रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है। एक दिन पूर्व 21 अक्टूबर को इस बाबत साझा ब्रीफिंग भी प्रस्तावित है जिसमें आयोजन की अंतिम रूपरेखा को जारी किया जाएगा।

एयर फोर्स के सूत्रों के अनुसार इस एयर शो के पूरे आयोजन को कुछ चरणों में संचालित किया जाना है। जिसके पहले चरण में एयर फोर्स की ओर से विमानों के करतब सहित उनका प्रदर्शन शामिल है। जबकि शासन के स्तर से विदेशी दूतावासों के अधिकारियों को आमंत्रण और स्थानीय स्तर के वीआइपी और वीवीआइपी को आमंत्रण होना है। जबकि गंगा में नौकाओं के संचालन पर नियंत्रण सहित यातायात व्यवस्था और नमोघाट पर पूरी व्यस्था का जिम्मा वाराणसी जिला प्रशासन का है।

आयोजन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सहित तीनों सेनाओं के प्रमुखों की भी मौजूदगी रहेगी। आयोजन में विदेशी मेहमानों के तौर पर मित्र देशों के राजदूत भी आमंत्रित हैं। तीन दिवसीय आयोजन में प्रदेश के मंत्री और अन्य नेतागणों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल रहेंगे। एयरफोर्स की ओर से इस आयोजन में सभी प्रमुख विमान शामिल किए गए हैं।

एयर शो के दौरान हवा में विमानों में रिफ्यूलिंग का प्रदर्शन किया जाएगा। एयरफोर्स की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह पूरी प्रक्रिया चूंकि काफी ऊंचाई पर होती है लिहाजा विमानों में रिफ्यूलिंग को दर्शक स्पष्ट देख सकें इस लिहाज से समान ऊंचाई पर विमानों में रिफ्यूलिंग का सिर्फ डेमो ही होगा, मतलब विमान में हवा में ईंधन भरने की प्रक्रिया को सिर्फ प्रदर्शित ही किया जाएगा। आयोजन में किसी भी अन्य देश के विमान को नहीं शामिल किया गया है। जबकि विदेशी विमान जो भारतीय वायु सेना में शामिल हैं उन सभी विमानों का प्रदर्शन किया जाएगा।

READ ALSO  बिजली विभाग से निकाले गए आउटसोर्स कर्मियों की होगी वापसी, बेदाग रिकॉर्ड वालों को मिलेगी प्राथमिकता

भारतीय विमानों का दिखेगा जलवा
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित तेजस लड़ाकू विमान की गर्जना को काशी पहली बार करीब से महसूस करेगी तो कंपनी द्वारा ही निर्मित ध्रुव और प्रचंड जैसे लड़ाकू हेलीकाप्टरों से आसमान में भारतीय वायुसेना का शौर्य परवाज भरेगा। विमान आसपास के अलग- अलग एयरबेस से उड़ान भरकर काशी के आसमान में करतब दिखाएंगे। जबकि हल्के उपयोग वाले चीता और चेतक भी आसमान में उड़ान भरते नजर आएंगे।

विदेशी मूल के विमान
भारतीय वायुसेना में रूसी मूल के मिग और सुखोई विमानों के साथ ही फ्रांस के मिराज और भारतीय वायुसेना की रीढ़ कहे जाने वाले राफेल विमान भी आसमान में भारतीयों का मस्तक गर्व से ऊंचा करेंगे। जबकि अमेरिकी लड़ाकू हेलीकाप्टर अपाचे जो अब भारतीय वायुसेना का भी हिस्सा है वह भी आसमान में गरजेगा। भारी परिवहन वाले हेलीकाप्टर चिनूक और एमआई भी आयोजन का हिस्सा होंगे। बोइंग सी 17 ग्लोबमास्टर और सुपर जे हरक्यूलिस जैसे भारी भरकम विमान भी शामिल होंगे।

नहीं होंगी यह गतिविधियां
विमानों से प्रतीकात्मक हमला करने और किसी आब्जेक्ट को विमान से नष्ट करने का प्रदर्शन सुरक्षा कारणों की वजह से नहीं होगा। जबकि पैराट्रूपर्स के उतरने का भी प्रदर्शन घना क्षेत्र और गंगा का तटीय क्षेत्र होने की वजह से काशी में नहीं हो सकेगा।

    भारतीय वायुसेना में शाम‍िल सभी प्रमुख व‍िमान और हेलीकाप्‍टर वाराणसी में होने वाले एयरशो में शाम‍िल होंगे। एयरफोर्स की ओर से आयोजन को सफल बनाने के ल‍िए सभी तैयार‍ियां पूरी कर ली गई हैं।
–
देबार्थो धर, जनसंपर्क अध‍िकारी, भारतीय वायुसेना।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button