छत्तीसगढ़

150 हेक्टेयर कृषि भूमि को मिलेगी सिंचाई सुविधा, वर्ष 2027-28 से किसानों को लाभ मिलने की संभावना

By Admin|16 Oct 2026, 10:21 PM
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रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री  साय के गृह जिले जशपुर के कुनकुरी तहसील अंतर्गत नारायणपुर स्थित कपरी नाला में 2 करोड़ 97 लाख रुपये की लागत से स्टॉप डैम का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र की लगभग 150 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। इससे किसानों की वर्षा पर निर्भरता कम करने और कृषि गतिविधियों को अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

कपरी नाला में निर्माणाधीन इस परियोजना का उद्देश्य वर्षा जल का संचयन कर उसका कृषि कार्यों में बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। क्षेत्र में सिंचाई के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों को मुख्य रूप से मानसून पर निर्भर रहना पड़ता है। स्टॉप डैम के निर्माण से वर्षा जल को रोककर उसका उपयोग सिंचाई के लिए किया जा सकेगा। इससे किसानों को खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और फसलों के बेहतर उत्पादन की संभावनाएं मजबूत होंगी।

150 हेक्टेयर कृषि भूमि होगी सिंचित, सिंचाई का प्रतिशत बढ़कर 37.91 तक पहुंचने की संभावना

कपरी नाला में स्टॉप डैम के निर्माण से लगभग 150 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। विभागीय जानकारी के अनुसार, इस परियोजना से क्षेत्र में सिंचाई का प्रतिशत बढ़कर 37.91 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद किसानों को आगामी कृषि सत्र 2027-28 से सिंचाई सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है।

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सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को समय पर फसलों की सिंचाई करने में सहूलियत होगी। इसके साथ ही कृषि उत्पादन बढ़ाने, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के अवसर भी उपलब्ध होंगे। विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह परियोजना उपयोगी साबित होगी, क्योंकि सिंचाई सुविधा के विस्तार से उनकी कृषि संबंधी कठिनाइयों में कमी आने की उम्मीद है।

जल संरक्षण के साथ भू-जल संवर्धन और ग्रामीण जनजीवन को मिलेगा लाभ

कपरी नाला में स्टॉप डैम का निर्माण जल संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। वर्षा ऋतु के दौरान बहकर निकल जाने वाले पानी को रोककर उसका संचयन किया जा सकेगा। इससे आसपास के क्षेत्रों में भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा मिलने और जल स्तर में सुधार होने की संभावना है। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को निस्तारी संबंधी जरूरतों के लिए भी पानी की उपलब्धता बेहतर हो सकेगी।

जल संचयन की इस व्यवस्था से स्थानीय जल संसाधनों के संरक्षण और उनके समुचित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। परियोजना से आसपास के क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ने पर पेयजल स्रोतों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त कपरी नाला के आसपास स्थित शिव मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलने की संभावना है।

सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों की आर्थिक स्थिति होगी मजबूत

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में कृषि अधोसंरचना के विकास तथा किसानों की आजीविका को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जशपुर जिले में जल संरक्षण और सिंचाई क्षमता के विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयास इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

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कपरी नाला में 2.97 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन स्टॉप डैम से किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने, खेती की लागत को नियंत्रित करने और किसानों की आय में वृद्धि के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। जल संरक्षण के साथ कृषि विकास को बढ़ावा देने वाली यह परियोजना क्षेत्र के ग्रामीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

किसानों ने मुख्यमंत्री  साय के प्रति जताया आभार

कपरी नाला में स्टॉप डैम का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंचने से क्षेत्र के किसानों में उत्साह है। किसानों को उम्मीद है कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होगी और खेती-किसानी से जुड़ी उनकी समस्याओं में कमी आएगी।

क्षेत्र के किसानों ने सिंचाई सुविधा के विस्तार और जल संरक्षण की दिशा में इस महत्वपूर्ण पहल के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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