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CG : छत्तीसगढ़ सहित 17 राज्यों में वोटर लिस्ट अपडेट करने का बड़ा फैसला; 11 दिसंबर तक मौका, जानिए पूरी प्रक्रिया …

By kadwaghut|16 Oct 2026, 10:15 AM
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रायपुर : छत्तीसगढ़ समेत देश के 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मतदाताओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision- SSR) का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इसके तहत पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने, गलत प्रविष्टियों में सुधार करने और दावों एवं आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा। आयोग के मुताबिक, 12 नवंबर 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जबकि नागरिक 11 दिसंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को जारी की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने इस अभियान में विशेष रूप से युवाओं और पहली बार मतदाता बनने वाले नागरिकों को शामिल करने पर जोर दिया है। इसके अलावा मतदाता सूची की त्रुटियां दूर करने और पात्र नागरिकों का नाम सूची में सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

12 नवंबर को जारी होगी प्रारूप मतदाता सूची आयोग की ओर से जारी समय-सारिणी के अनुसार, मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के लिए नवंबर से निर्धारित प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। प्रारूप सूची प्रकाशित होने के बाद नागरिक अपने नाम, पता, उम्र और अन्य विवरण की जांच कर सकेंगे। जिन पात्र व्यक्तियों का नाम सूची में नहीं होगा, वे नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसी तरह गलत विवरण में संशोधन कराने और किसी प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया उपलब्ध रहेगी।

महत्वपूर्ण तारीखें मतदान केंद्रों का पुनर्व्यवस्थापन 2 नवंबर 2026 तक प्रारूप मतदाता सूची जारी 12 नवंबर 2026 दावे और आपत्तियां 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 दावों-आपत्तियों का निराकरण 28 दिसंबर 2026 तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन 4 जनवरी 2027 निर्वाचन आयोग द्वारा 15 अक्टूबर 2026 को घोषित कार्यक्रम के अनुसार। 11 दिसंबर तक नाम जुड़वाने और सुधार का मौका मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के बाद नागरिकों को लगभग एक महीने का समय दिया जाएगा। इस अवधि में मतदाता अपने विवरण की जांच कर दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में नहीं है, तो वह नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकता है। जिन मतदाताओं के नाम, पते या अन्य विवरण में गलती है, वे सुधार के लिए निर्धारित फॉर्म भर सकते हैं। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे।

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नए मतदाताओं पर रहेगा विशेष फोकस इस अभियान में उन युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जो पहली बार मतदाता बनने जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी 2027 को मतदाता पंजीकरण के लिए मुख्य पात्रता तारीख निर्धारित किया है। ऐसे नागरिक जो इस तारीख तक 18 वर्ष के हो जाएंगे, वे निर्धारित नियमों के अनुसार नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे।इसके अतिरिक्त 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को पात्र होने वाले युवाओं के अग्रिम आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे। इससे युवाओं के लिए मतदाता सूची में शामिल होने की प्रक्रिया आसान हो सकेगी।

इन 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा पुनरीक्षण निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ के अलावा असम, बिहार, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल तथा केंद्रशासित प्रदेश अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप और पुडुचेरी को इस कार्यक्रम में शामिल किया है। इन सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार मतदाता सूची के अद्यतन की प्रक्रिया संचालित की जाएगी। मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए कौन सा फॉर्म भरें? मतदाता पंजीकरण और संशोधन के लिए निर्वाचन आयोग के अलग-अलग फॉर्म उपलब्ध हैं। फॉर्म किस काम के लिए- फॉर्म-6 पहली बार नाम जुड़वाने के लिए, फॉर्म-7 नाम हटाने या प्रविष्टि पर आपत्ति के लिए, फॉर्म-8 नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार और स्थानांतरण के लिए, नागरिक निर्वाचन आयोग के आधिकारिक वोटर्स सर्विस पोर्टल पर जाकर आवेदन और मतदाता सूची संबंधी सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। SSR और SIR में क्या है अंतर? मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रियाओं में अंतर है। SSR के तहत मौजूदा मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है। इसमें नए नाम जोड़ने, गलतियां सुधारने और दावों एवं आपत्तियों का निराकरण करने पर ध्यान दिया जाता है। वहीं, SIR अधिक व्यापक सत्यापन प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची की विस्तृत जांच करना है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के तहत बूथ स्तर के अधिकारी घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन नहीं करेंगे। 28 दिसंबर तक होगा दावों और आपत्तियों का निपटारा निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से संबंधित प्राप्त दावों और आपत्तियों का निराकरण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। ऐसे में छत्तीसगढ़ के मतदाताओं के लिए जरूरी होगा कि वे प्रारूप सूची जारी होने के बाद अपने नाम और अन्य विवरण की जांच अवश्य करें, ताकि समय रहते आवश्यक सुधार कराया जा सके।

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