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प्रदेश को ऐतिहासिक, सांस्कृतिक विरासत से वैश्विक पहचान दिलाने में योगी सरकार का बड़ा कदम

By Admin|14 Apr 2026, 5:02 PM
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'श्री कृष्ण की लीला और पांडवों के पराक्रम' की देखिए अमिट छाप

विरासत का सम्मान : विश्व धरोहर दिवस पर बागपत से शुरू होगी पहली हेरिटेज ट्रेल

चार हजार वर्ष पुरानी सभ्यता से परिचित होने का मिलेगा मौका

प्रदेश को ऐतिहासिक, सांस्कृतिक विरासत से वैश्विक पहचान दिलाने में योगी सरकार का बड़ा कदम

द्वापर युग के ऐतिहासिक स्थलों को देख सकेंगे देश-विदेश के पर्यटक

बरनावा, सिनौली, लाक्षागृह से लेकर प्राचीन धार्मिक स्थलों तक जोड़ी जाएगी ऐतिहासिक श्रृंखला

युवाओं को गाइड, गांवों को होमस्टे और स्थानीय व्यंजनों को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ
‘श्री कृष्ण की लीला और पांडवों के पराक्रम’ की कहानी आप सभी ने सुनी होगी। अब इसकी अमिट छाप भी देख सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर देश दुनिया के लिए विश्व धरोहर दिवस पर 18 अप्रैल को बागपत से हेरिटेज ट्रेल शुरू की जा रही है। यहां द्वापर युग के ऐतिहासिक स्थलों से देश-विदेश के पर्यटक परिचित हो सकेंगे। इसके अंतर्गत बरनावा, सिनौली, लाक्षागृह से लेकर प्राचीन धार्मिक स्थलों तक ऐतिहासिक श्रृंखला जोड़ी जा रही है। इसकी एक और खास बात है कि युवाओं को यहां गाइड, गांवों को होमस्टे और स्थानीय व्यंजनों को योगी सरकार बढ़ावा भी देने जा रही है।

हेरिटेज ट्रेल के माध्यम से पर्यटक बरनावा स्थित लाक्षागृह और पांडवकाल की गुफाओं जैसे स्थलों का अवलोकन कर सकेंगे, जहां महाभारतकालीन इतिहास और उस दौरान के कई प्रसंगों की अमिट छाप देखी जा सकेगी। यहां आने वाले देश-विदेश के पर्यटक 4000 वर्ष पुरानी सभ्यता के बारे में जान सकेंगे और इतिहास के अनदेखे पहलुओं को देखकर अभिभूत होंगे।

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महाभारत से जुड़ा है बागपत का गौरवशाली संबंध
बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा मांगे गए पांच गांवों में से एक गांव वर्तमान बागपत जिले के बरनावा क्षेत्र में माना जाता है। यही कारण है कि यह क्षेत्र पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है तथा इसे हेरिटेज ट्रेल का प्रमुख केंद्र बनाया गया है।
हेरिटेज ट्रेल में बरनावा का लाक्षागृह, सिनौली पुरातात्विक स्थल, खंडवारी के प्राचीन अवशेष, पुरा महादेव मंदिर, जोहड़ी मंदिर परिसर, बरौत का ऐतिहासिक क्षेत्र, त्रिलोक तीर्थ धाम तथा यमुना तट के प्राचीन अवशेषों को शामिल किया गया है। बागपत के सिनौली में प्राचीन रथ, तलवार और ढाल मिले हैं, जिनका विशेष पौराणिक महत्व है।

युवाओं को मिलेगा रोजगार, गांवों में विकसित होंगे होमस्टे
हेरिटेज ट्रेल के तहत स्थानीय युवाओं को पर्यटन गाइड के
रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही गांवों में होमस्टे विकसित कर स्थानीय भोजन, लोक संस्कृति और पारंपरिक आतिथ्य को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

पारंपरिक कलाओं को मिलेगा मंच
इस पहल के अंतर्गत पॉटरी, पीतरा ड्यूरा, ब्लॉक प्रिंटिंग, इत्र निर्माण सहित पारंपरिक एवं लुप्तप्राय कलाओं की कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इससे स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन मिलेगा और सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण भी होगा।

विरासत बनेगी नई पहचान
बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि हेरिटेज ट्रेल के माध्यम से बागपत को एक ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सकेगा। हेरिटेज वॉक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों के जरिए जिले की विरासत को नई पहचान दी जाएगी तथा लोगों में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व की भावना मजबूत होगी।

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