मध्य प्रदेशराज्‍य

पन्ना जिले के वनरक्षक जगदीश अहिरवार और वीरेंद्र पटेल का भी व्यक्तिगत श्रेणियों में सम्मान

By Admin|23 May 2026, 8:26 PM
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भोपाल

अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस 22 मई 2026 के अवसर पर भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM) में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड द्वारा घोषित “राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार 2024 एवं 2025” में दक्षिण पन्ना वनमण्डल को “जैव-विविधता स्वामित्व रखने वाला सर्वश्रेष्ठ विभाग” श्रेणी में सम्मानित किया गया।

दक्षिण पन्ना वनमण्डल द्वारा जैव-विविधता संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में अनेक अभिनव एवं जनभागीदारी आधारित कार्य किए गए। वनमण्डल द्वारा पक्षियों, तितलियों, औषधीय पौधों, विरासत वृक्षों, प्राकृतिक झिरियों तथा स्थानीय जैविक धरोहरों का व्यापक अभिलेखीकरण एवं दस्तावेजीकरण किया गया। साथ ही स्थानीय स्तर पर जैव-विविधता संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए गए। गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में दक्षिण पन्ना द्वारा “वल्चर फ्रेंडली गौशाला”, सतत मॉनिटरिंग, प्रतिबंधित दवाइयों की रोकथाम एवं ग्रामीण सहयोग आधारित संरक्षण मॉडल विकसित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप दक्षिण पन्ना क्षेत्र में गिद्धों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2021 में जहां गिद्धों की संख्या 614 थी, वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 1127 तक पहुँच गई।

मानव-सर्प संघर्ष को कम करने एवं सर्पदंश से बचाव के लिये दक्षिण पन्ना वनमण्डल द्वारा विशेष “सांप-सीढ़ी” आधारित शैक्षणिक खेल विकसित किया गया। इस नवाचार के माध्यम से हजारों बच्चों एवं ग्रामीणों को सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक उपचार एवं वैज्ञानिक जानकारी सरल तरीके से उपलब्ध कराई गई। इस पहल से जनजागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई तथा मानव-सर्प संघर्ष संबंधी भ्रांतियों को कम करने में सहायता मिली।

व्यक्तिगत (शासकीय) श्रेणी में दक्षिण पन्ना वनमण्डल के वनरक्षक  जगदीश प्रसाद अहिरवार को प्रथम पुरस्कार एवं वनरक्षक  वीरेंद्र पटेल को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।  जगदीश प्रसाद अहिरवार द्वारा दक्षिण पन्ना क्षेत्र में 129 महत्वपूर्ण औषधीय पौधों का अभिलेखीकरण एवं जनजागरूकता कार्य किया गया। वहीं  वीरेंद्र पटेल द्वारा कल्दा क्षेत्र में 97 पक्षी प्रजातियों का दस्तावेजीकरण कर पक्षी एवं जैवविविधता संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का उल्लेखनीय कार्य किया गया। दक्षिण पन्ना वनमण्डल की यह उपलब्धि जनभागीदारी, टीम भावना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवाचार आधारित संरक्षण प्रयासों का परिणाम है। यह सम्मान न केवल दक्षिण पन्ना वन विभाग बल्कि पूरे पन्ना जिले के लिए गौरव का विषय है तथा भविष्य में जैव-विविधता संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में प्रेरणादायक सिद्ध होगा।

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जैव-विविधता संरक्षण में डिंडोरी वनमण्डल हुआ पुरस्कृत

मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड द्वारा प्रदेश में जैव-विविधता संरक्षण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से प्रारंभ किये गये "राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार-2024 एवं 2025 अंतर्गत वनमंडल डिंडोरी को पहुंच एवं लाभ प्रभाजन के अधिकतम अनुबंध श्रेष्ठ वनमंडल अतंर्गत वर्ष 2023-24 में प्रथम स्थान एवं वर्ष 2024-25 में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण, चेन्नई के अध्यक्ष  वीरेंद्र आर. तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय वन प्रबंधन संस्थान, भोपाल के निदेशक डॉ. के. रविचंद्रन ने की तथा राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण के सदस्य सचिव डॉ. बी. बालाजी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव  सुदीप सिंह ने किया। राज्य स्तरीय पुरस्कार दक्षिण पन्ना वनमण्डल की ओर से वनमण्डलाधिकारी अनुपम शर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी पवई  नितेश पटेल एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी कल्दा  परिवेश भदौरिया द्वारा प्राप्त किया गया। दक्षिण पन्ना वनमण्डल के नामांकन की अनुशंसा जिला कलेक्टर मती उषा परमार एवं वनमण्डलाधिकारी द्वारा की गई थी।

 

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