Rajnandgaon : साइबर ठगी की रकम वापस दिलाने पर जोर, राजनांदगांव रेंज में पुलिस अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण
राजनांदगांव। साइबर अपराधों से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निराकरण और ठगी गई धनराशि की पहचान, रोकथाम एवं पीड़ितों को राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राजनांदगांव रेंज स्तर पर एक दिवसीय साइबर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण गुरुवार, 24 सितंबर को मंगल भवन, रक्षित केन्द्र राजनांदगांव में हुआ।
पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज अजय कुमार यादव (भापुसे) के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण में पुलिस मुख्यालय रायपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, तकनीकी सेवा कवि गुप्ता ने अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई की तकनीकी जानकारी दी।
प्रशिक्षण में विशेष रूप से GRM (Grievance Redressal Mechanism) और MRM (Money Restoration Module) के प्रभावी संचालन की जानकारी दी गई। इसके माध्यम से साइबर ठगी की शिकायत मिलने के बाद ठगी गई राशि की पहचान, उसे रोकने तथा पीड़ित को राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में राजनांदगांव रेंज के राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों के प्रधान आरक्षक से लेकर निरीक्षक स्तर तक के नामांकित पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। रेंज के विभिन्न जिलों से अतिरिक्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी प्रशिक्षण में भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पीड़ितों को समय पर सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण है। शिकायत मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई और संबंधित मॉड्यूल के सही इस्तेमाल से ठगी की रकम को रोकने तथा उसकी पुनर्प्राप्ति की संभावना बढ़ाई जा सकती है।
पुलिस विभाग ने प्रशिक्षण के माध्यम से साइबर अपराधों से निपटने में पुलिसकर्मियों की तकनीकी कार्यक्षमता बढ़ाने, शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने और पीड़ितों को जल्द राहत पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।





