उत्तर प्रदेशराज्‍य

818 युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र, योगी बोले- ‘वह गिनते जाएं, हम नियुक्ति पत्र बांटते जाएंगे’

By Admin|20 Sep 2026, 11:33 AM
f X W

 लखनऊ
आगामी छह माह में एक लाख से अधिक सरकारी नौकरियों के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए प्रदेश सरकार ने नियुक्तियों का सिलसिला शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को शनिवार को नियुक्ति पत्र बांटते हुए सपा पर प्रहार किया। यह कहते हुए कि ‘वह गिनते जाएं, हम नियुक्ति पत्र बांटते जाएंगे। हम छह महीने में एक लाख से अधिक नौजवानों को नियुक्ति देंगे।’

Advertisement
Advertisement

बताया कि रविवार को भी करीब एक हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र मिलेंगे। अगले छह माह में पुलिस, होमगार्ड और विभिन्न भर्ती आयोगों की चयन प्रक्रियाएं पूरी होने के साथ नियुक्तियां जारी रहेंगी। लोकभवन में आयोजित समारोह में नियुक्ति पत्र पाने वालों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के 357 एक्सरे टेक्नीशियन, आयुष विभाग के 404, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के 48 अनुदेशक और उद्योग निदेशालय के नौ सहायक सांख्यिकीय अधिकारी शामिल थे।

मिशन रोजगार के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस में 36 हजार से अधिक और होमगार्ड में 41-42 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इन भर्तियों में मेडिकल और शारीरिक दक्षता परीक्षण की प्रक्रिया जारी है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से अगले छह माह में 25 से 30 हजार, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से 20 से 25 हजार और लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के बाद 15-16 हजार युवाओं को नियुक्ति मिलने की उम्मीद है।

शिक्षा सेवा चयन आयोग के परिणाम तीन-चार माह में आने की संभावना है। इनमें से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अभी परीक्षा, परिणाम या चयन की प्रक्रिया में हैं। प्रक्रिया पूरी होते ही उन्हें नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। प्रदेश में अब तक करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।

READ ALSO  हाईकोर्ट और जिला अदालतों में सक्रिय प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को योजना से जोड़ेगी सरकार

विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्ति पत्र वितरण तक पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने ग्रुप-3 और ग्रुप-4 की भर्तियों में साक्षात्कार समाप्त किए जाने का भी उल्लेख किया। 2017 से पहले की सरकारों पर भर्ती प्रक्रिया में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि कभी विज्ञापन जारी होते ही वसूली का तंत्र सक्रिय हो जाता था और ऐसे लोगों को भी नियुक्ति पत्र मिल जाते थे, जिन्होंने आवेदन तक नहीं किया था।

आवेदन करने वाले अभ्यर्थी देखते रह जाते थे। आज वही लोग उपदेश दे रहे हैं, लेकिन 2027 के बाद वे उपदेश देने की स्थिति में भी नहीं रहेंगे। मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में एक अयोग्य व्यक्ति को अध्यक्ष बनाए जाने का भी आरोप लगाया। कहा कि भर्ती व्यवस्था के खिलाफ युवाओं को न्यायालय और सड़क तक संघर्ष करना पड़ा।

2017 से पहले प्रदेश में करीब 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। ये स्टार्टअप हजारों करोड़ रुपये का कारोबार कर रहे हैं। 25 से 29 सितंबर तक गौतमबुद्धनगर में होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का भी उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें 650 विदेशी खरीदार और 2500 से अधिक प्रदर्शक शामिल होंगे।

कार्यक्रम में आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, एमएसएमई राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। नियुक्ति पत्र पाने वाले कुछ अभ्यर्थियों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि निष्पक्ष व पारदर्शी भर्ती से सरकारी नौकरी का सपना पूरा हुआ।

READ ALSO  शिवराज चौहान ने लिया बिहार बाढ़ का जायजा, केंद्र को भेजी जाएगी नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट

मिशन एक लाख का हिसाब घोषित लक्ष्य
छह माह में एक लाख से अधिक नियुक्तियां शनिवार को नियुक्ति पत्र वितरण, 818 रविवार को मिलने वाले नियुक्ति पत्र, करीब 1,000 अलग से भर्ती प्रक्रिया में बताए गए पद, पुलिस 36 हजार, होमगार्ड 41-42 हजार यूपीएसएसएससी से संभावित अवसर, 25-30 हजार शिक्षा चयन आयोग के जरिये संभावित भर्तियां, 20-25 हजार यूपीपीएससी के माध्यम से संभावित नियुक्तियां, 15-16 हजार सरकार के अनुसार 2017 के बाद अब तक कुल सरकारी नियुक्तियां, 9.50 लाख

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins