छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : छोटी कहानी के रूप में कही जाने वाली लोक विधा है कंथली: शुभदा…

By lokesh sharma|06 May 2026, 11:26 AM
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राजनांदगांव , कथाकार शुभदा मिश्र के संस्कारधानी आगमन पर उनका स्वागत सम्मान किया। छत्तीसगढ़ सृजन साहित्य समिति के द्वारा साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। साहित्य समिति के संस्थापक व छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के जिला समन्वयक साहित्यकार आत्माराम कोशा के निवास स्थान में आयोजित साहित्यिक गोष्ठी में स्थानीय कवियों और साहित्यकारों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। कथाकार शुभदा मिश्र ने सभी स्थानीय कलाकारों से परिचय प्राप्त करते उनकी रचनाओं पर चर्चा की। शुभदा मिश्र ने अपनी चर्चित कहानी पुस्तक यूं हसरतों के दाग आत्मा राम कोशा को भेंट की।

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कवि साहित्यकारों के बीच अपने सृजन प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए साहित्यिक अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि बचपन में हम अपनी नानी-दादियो से छोटी-छोटी कहानियां सुना करते थे। जिसे छत्तीसगढ़ी में शुभदा कहा जाता है जो छोटी कहानी कहने की एक सुप्रसिद्ध लोक विद्या है। जिसमें संदेश तो निहित होता ही है मारक क्षमता भी अधिक होती है। उन्होंने इस पर विस्तृत रुप से काम होने की बात कही। कहा कवि, साहित्यकारों को इस पर जरूर कलम चलाना चाहिए। संचालन पप्पू कलिहारी ने किया। समापन संवाद, विचार-विमर्श और साहित्यिक सौहार्द से हुआ जो उपस्थित कवि साहित्यकारों‌ के मन में अपनी छाप छोड़ गया।

मितान के कहानी का आकाशवाणी में होगा प्रसारण: कथाकार कवि मानसिंह ने आकाशवाणी रायपुर से आगामी दिनों प्रसारित होने वाली कहानी मितान के शर्त का पाठ किया वहीं उन्होंने शिव स्रोतम कविता सुनाकर वातावरण को सरस मय बनाया। कवि एवं लोक कलाकार पप्पू कलिहारी ने मजदूर दिवस की रचना चलो हम एक मई हो जान, का सस्वर पाठ कर गोष्ठी को नई उंचाई दी। कवि आनंद राम सार्वा ने छत्तीसगढ़ी की मिठास भरी रचना छत्तीसगढ़ के हर काम में धुन भरे हे का तरन्नुम में गान किया।

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मजदूरों का आह्वान, चलो आज एक मई हो जान मजदूर दिवस एक मई प्रसंग पर शुभदा मिश्र के सम्मान में कवियों और साहित्यकारों ने कविता एवं कहानी पाठ के माध्यम से अपने विचारों और संवेदनाओं को व्यक्त किया। इस अवसर पर वरिष्ठ कवि साहित्यकार कोशा ने मजदूरों पर आधारित अपनी चर्चित रचना, फोरा परे जें हाथ म, मिट गे हे लकीर, पीरा के संसार में सबसे बड़े पीर, सुनाकर मजदूरों की पीड़ा का बखान किया। इस रचना को जमकर तालियां बटोरी और सराहना मिली। सभी अतिथियों और कवियों, रचनाकारों ने इसकी सराहना की।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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