छत्तीसगढ़

DU छात्रसंघ चुनाव में छत्तीसगढ़ का दबदबा, पीयूष जायसवाल ने 674 वोटों से मारी बाजी

By Admin|19 Sep 2026, 9:11 PM
f X W

गरियाबंद.

Advertisement
Advertisement

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित शहीद भगत सिंह संध्या कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव 2026 में स्वतंत्र प्रत्याशी छत्तीसगढ़ के पीयूष जायसवाल ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है।

बेमेतरा के रहने वाले और देश के सबसे कम उम्र के मशहूर छात्र वैज्ञानिक व शोधकर्ता पीयूष जायसवाल ने किसी भी बड़े राजनैतिक दल का दामन थामे बिना, पूरी तरह स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर जॉइंट सेक्रेटरी (संयुक्त सचिव) पद पर एकतरफा चुनाव जीता है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों को रिकॉर्डतोड़ 674 वोटों से हराकर विजय का परचम लहराया। दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास में यह पहली बार है जब छत्तीसगढ़ के किसी छात्र ने बिना किसी पार्टी बैनर के सिर्फ अपने दम पर अपनी प्रेरक भाषण शैली और दमदार नेतृत्व के भरोसे इतनी बड़ी जीत दर्ज की हो।

देवभोग गरियाबंद से शुरू हुआ था दुनिया को चौंकाने वाला सफर
पीयूष जायसवाल (सुपुत्र: प्यारे लाल जायसवाल, प्राचार्य – डीएवी बेमेतरा) की यह अद्भुत प्रतिभा नई नहीं है, बल्कि इसकी नींव छत्तीसगढ़ में ही पड़ चुकी थी। पीयूष जब छत्तीसगढ़ के डीएवी देवभोग गरियाबंद में कक्षा 4थी से 7वीं तक की पढ़ाई कर रहे थे, तभी मात्र 12 वर्ष की कम में (कक्षा 7वीं के दौरान) उन्होंने एक नया कीर्तिमान रच दिया था। वे इतनी छोटी सी उम्र में ही लेखक, कवि, वैज्ञानिक और शोधकर्ता बनकर पूरी दुनिया को चौंका चुके थे। उन्होंने ब्रह्मांड के रहस्यों पर अपनी प्रसिद्ध पुस्तक और गति के नियमों पर महत्वपूर्ण शोध पत्र लिखकर बचपन में ही देशभर में नाम रौशन कर दिया था।

READ ALSO  CG : शिक्षक पर शराब के नशे में स्कूल आने का आरोप, प्रिंसिपल और मीडियाकर्मियों के बीच तीखी बहस ...

‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न’ से सम्मानित
मुख्य शासकीय एवं राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय सम्मानों से सुसज्जित प्रोफाइल पीयूष जायसवाल को उनकी असाधारण प्रतिभा के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर ढेरों सम्मान मिल चुके हैं। इसी वर्ष 12 जनवरी 2026 को युवा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीयूष को ‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न’ पुरस्कार और ₹2,50,000/- (ढाई लाख रुपये) की प्रोत्साहन राशि से विशेष रूप से सम्मानित किया था। भौतिकी और खगोल विज्ञान की इतनी जटिल गणनाओं को इतनी कम उम्र में हल करने के कारण इन्होंने महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के पुराने कीर्तिमानों को चुनौती दी।

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज
सबसे कम उम्र में विज्ञान अनुसंधान के लिए इनका नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। इसके अलावा उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) अवार्ड, युवा वैज्ञानिक पुरस्कार चेन्नई दिल्ली में, बाल श्रेष्ठ पुरस्कार दिल्ली और समाज की ओर से कलचुरी गौरव रत्न पुरुकार दिल्ली सहित 75 से अधिक, अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय व प्रांतीय सम्मान मिल चुके हैं।

भाषण शैली और अद्भुत नेतृत्व के भरोसे जीते
चुनाव प्रचार के दौरान पीयूष जायसवाल के पास न तो कोई बड़ा राजनैतिक सहयोग था और न ही कोई बड़ी पार्टी का नाम। उन्होंने केवल अपनी अद्भुत बुद्धिमत्ता, बेबाक भाषण शैली और छात्र कल्याण के विजन को आगे रखा। जब पीयूष कॉलेज परिसर में भाषण देते थे, तो दिल्ली के स्थानीय छात्रों से लेकर अन्य राज्यों के छात्र उनकी वैज्ञानिक सोच और नेतृत्व क्षमता के मुरीद हो जाते थे। परिणाम यह रहा कि छात्रों ने पार्टियों की राजनीति से ऊपर उठकर पीयूष को एकतरफा वोट देकर जिताया।इस खबर से पूरे छत्तीसगढ़ में जश्न का माहौल है, लोग पीयूष जायसवाल को बधाई व शुभकामनाएं दे रहे।

READ ALSO  CG : बिलासपुर में किराना दुकान में चोरी का खुलासा, सिगरेट-मिच्चर समेत सामान बरामद…
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins