छत्तीसगढ़

समय-सीमा बैठक में कलेक्टर सख्त, डीएमएफ कार्यों पर कड़ी निगरानी

By Admin|21 Apr 2026, 12:56 PM
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समय-सीमा बैठक में कलेक्टर सख्त, डीएमएफ कार्यों पर कड़ी निगरानी

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5 वर्षीय समग्र विकास योजना बनाने के निर्देश, प्रतिबंधित कार्यों पर स्पष्ट रोक

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और वित्तीय अनुशासन पर विशेष जोर दिया गया।

कलेक्टर ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY-2024) के संशोधित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना है।
जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) के तहत संचालित एवं प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि केवल वही परियोजनाएं स्वीकृत होंगी, जो सीधे तौर पर खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां के निवासियों को लाभ पहुंचाएं। व्यक्तिगत लाभ या योजना की मूल भावना के विपरीत किसी भी कार्य को स्वीकृति नहीं दी जाएगी।
बैठक में कई कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध भी लगाया गया। इनमें व्यायामशाला नवीनीकरण, मुर्गों की लड़ाई के लिए चबूतरा निर्माण, पंचायत उपयोग हेतु मोबाइल/वाहन क्रय, मूर्तियां, स्मारक, हेलीपैड, शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, निजी औद्योगिक पार्क, राजनीतिक कार्यक्रम तथा अधिकारियों के लिए वाहन एवं मोबाइल खरीदी जैसे कार्य शामिल हैं।

कलेक्टर ने सभी विभागों को 5 वर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना (Perspective Plan) तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसे 15 मई 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए। 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं के लिए अलग विस्तृत योजना तैयार करने तथा 25-30 करोड़ रुपये के कार्यों को प्राथमिकता में शामिल करने को कहा गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी केंद्रों का सर्वे कर उनकी स्थिति सुधारने और हर वर्ष कम से कम 30 केंद्रों के निर्माण या उन्नयन का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने को कहा गया। पंचायत विभाग को जल संरक्षण के लिए चेक डैम निर्माण की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि प्रत्येक अधोसंरचना परियोजना में बिजली सुविधा अनिवार्य रूप से शामिल हो, ताकि परिसंपत्तियां पूर्णतः उपयोगी बन सकें। साथ ही सभी विभागों को अपने कार्यों की जानकारी नियमित रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

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राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, सीमांकन, बंटवारा और नामांतरण कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। कलेक्टर ने प्रशासनिक व्यय को न्यूनतम रखते हुए अधिकतम राशि जनहितकारी कार्यों पर खर्च करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि लापरवाही या नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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