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Smart Meter Update: बचा बैलेंस बिल में जुड़ेगा, एक रात में पूरा होगा बदलाव

By Admin|07 May 2026, 2:31 PM
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लखनऊ

यूपी के बिजली ग्राहकों को बड़ी सौगात देते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटर को पोस्ट पेड में बदलने का ऐलान हुआ है। प्रीपेड से पोस्टपेड में करने की तारीख भी आ गई है। प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड में बदलने की पूरी प्रक्रिया एक रात में पूरी हो जाएगी। 9 मई की रात से प्रक्रिया शुरू होगी और 10 मई तक सभी मीटर पोस्टपेड हो जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार पोस्टपेड होने पर बिजली ग्राहकों की कई समस्याओं का हल हो जाएगा। उपभोक्ताओं को मीटर तेज चलने, अधिक बिल आने और बिना बिजली उपयोग के बैलेंस कटने जैसी शिकायतों से मुक्ति मिल जाएगी।

बचा बैलेंस बिजली बिल में जुड़ेगा
लोगों को यह शंका है कि प्रीपेड में कराए गए रिचार्ज का क्या होगा? अधिकारियों के अनुसार प्रीपेड मीटर का बैलेंस पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा। जैसे ही प्रीपेड मीटर कन्वर्ट होंगे, वैसे ही उनका बचा बैलेंस महीने के अंतिम में बनने वाले बिल में स्वत: जुड़ जाएगा। इसका पूरा डिटेल बिजली बिल में अंकित होगा।

पूर्वांचल में एमडी कर रहे निगरानी
पूर्वांचल के जिलों में स्मार्ट मीटरों के मोड परिवर्तन की निगरानी पूर्वांचल डिस्कॉम के एमडी शंभु कुमार खुद करेंगे। पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में 30 लाख 17 हजार 147 स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगे हैं। वाराणसी जोन प्रथम के 11 डिविजनों में 2.20 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटरों उपभोक्ता हैं। एमडी मीटर लगाने वाली कंपनी जीएमआर और जीनस के अफसरों के साथ मोड परिवर्तन की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।

चार लाख उपभोक्ता नहीं कर रहे थे मीटर रिचार्ज
पूर्वांचल के 4.11 लाख उपभोक्ता प्रीपेड मीटर रिजार्च नहीं कर रहे थे। बनारस में इनकी संख्या लगभग 12 हजार थी। जांच में सामने आया कि मीटर चार्ज न कराने वाले अनेक उपभोक्ता बिजली चोरी कर रहे हैं तो कुछ खाली परिसर पर मीटर लगे थे। विभाग ने बिजली चोरी करने वालों पर केस कराया था।

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उपभोक्ताओं से वापस लेंगे सिक्योरिटी मनी
मीटर पोस्टपेड होने के बाद उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी मनी ली जाएगी। यह राशि बिजली बिल में जोड़कर भेजी जाएगी। बड़े उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी मनी किस्त में ली जाएगी।

स्मार्ट मीटर की खामियां जस की तस : उपभोक्ता परिषद
 वर्ष 2019 से 2022 के बीच लगे 12 लाख स्मार्ट मीटरों में जो खामियां केंद्र सरकार की टीम ने पाई थीं, वही कमियां मौजूदा समय में लग रहे स्मार्ट मीटरों में भी हैं। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने स्मार्ट मीटर की पुरानी खामियों को नजरअंदाज कर के प्रदेश भर में नए

सिरे से स्मार्ट मीटर लगाने पर सवाल उठाए हैं।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल) द्वारा प्रदेश में लगाए गए 12 लाख स्मार्ट मीटरों की जांच केंद्र सरकार की उच्च स्तरीय समिति ने की थी। सितंबर 2023 में टीम ने रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में जो कमियां गिनाई गई थीं, वे अब लग रहे स्मार्ट मीटरों में भी हैं।

अवधेश ने कहा कि अगर आरडीएसएस के तहत लग रहे इन स्मार्ट मीटरों में उपभोक्ता हितों के मानकों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाया गया होता तो पूरी परियोजना सवालों के घेरे में नहीं आती। तब रिपोर्ट में बताया गया था कि उपभोक्ताओं को तीन से छह महीने के विलंब से एसएमएस अलर्ट नहीं मिल रहे। चेक मीटर की स्थापना में अनियमितता बरती गई थी। उपभोक्ताओं पर नियमविरुद्ध अतिरिक्त भार डाला जा रहा था। मीटर नेटवर्क में बाधा थी, जिससे डिस्कनेक्शन और रीकनेक्शन प्रभावित हो रहा था।

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