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CG : कबीरधाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बैगा जनजाति के 13 बच्चों को बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया …

By kadwaghut|07 May 2026, 3:43 PM
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कबीरधाम । कबीरधाम जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैगा जनजाति के 13 नाबालिग बच्चों को बंधुआ मजदूरी और बाल तस्करी से मुक्त कराया है। मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने की प्रक्रिया जारी है।

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मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह को सूचना मिली कि ग्राम थूहापानी और आसपास के क्षेत्रों से बैगा जनजाति के कई नाबालिग बच्चों को पैसों का लालच देकर ले जाया गया है और उनसे जबरन मजदूरी कराई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

कबीरधाम पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाते हुए ग्राम भलपहरी, खरहट्टा पाण्डातराई, सारंगपुर कला, कान्हाभैरा और दशरंगपुर क्षेत्रों में दबिश दी। इस दौरान कुल 13 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया गया। सभी बच्चों को थाना कोतवाली लाकर जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड लाइन टीम को सूचना दी गई। बाल कल्याण समिति के निर्देश पर बच्चों को सुरक्षित बालगृह में रखा गया है, जहां उनकी देखभाल और काउंसलिंग की जा रही है।

पुलिस जांच में सामने आया कि करीब 6 से 7 महीने पहले आरोपी रवि यादव और अन्य लोगों ने बच्चों के माता-पिता को पैसे का प्रलोभन देकर बच्चों को अलग-अलग स्थानों पर काम कराने के लिए ले जाया था। वहां बच्चों से मवेशी चराने, उनकी देखभाल करने और अन्य कठिन श्रम कराए जाते थे। बच्चों ने बताया कि उनसे सुबह 6 बजे से रात तक लगातार काम कराया जाता था, लेकिन मजदूरी नहीं दी जाती थी। उनके पालकों को केवल 1000 से 2000 रुपये प्रतिमाह दिए जाते थे।

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पुलिस के अनुसार सभी बच्चे 8 से 15 वर्ष आयु वर्ग के हैं और विशेष संरक्षित अनुसूचित जनजाति “बैगा जनजाति” से संबंधित हैं। बच्चों से कराया जा रहा कार्य जोखिमपूर्ण श्रम की श्रेणी में आता है, जो बाल अधिकारों और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।

मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), किशोर न्याय अधिनियम, बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, बंधुआ मजदूर प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों में रामू यादव, रवि यादव, धनीराम यादव, सर्वन यादव, दीपक यादव, रामफल यादव, राम बिहारी यादव और रुपेश यादव शामिल हैं।

पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों से मजदूरी कराना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि अमानवीय कृत्य भी है। उन्होंने लोगों से बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी और बाल तस्करी जैसी गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।

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