छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : छोटे हो या बड़े सबके लिए विनय भाव होना चाहिए …

By kadwaghut|14 Sep 2026, 10:35 AM
f X W

राजनांदगांव | जैन बगीचा स्थित नए हाल में संवत्सरी पर्व के छठवें दिन अपने नियमित प्रवचन में खरतर गच्छाधिपति मणिप्रभ सागर के शिष्य श्रेयांशप्रभ सागर ने रविवार को कहा कि छोटे हो या बड़े सबके लिए विनय भाव होना चाहिए। जहां सुगंध होगा वहीं जीव आने ही लगते हैं। विनयवान व्यक्ति को लोग पसंद करते हैं, इसलिए हमें नम्र और विनयवान होना चाहिए।

Advertisement
Advertisement

उन्होंने कहा कि किसी भी तीर्थंकर की दीक्षा नवलोकान्तिक देव की अनुमति के बिना नहीं हो सकती। परमात्मा किसी को माप तोलकर तो नहीं देते बल्कि उनके पास जो आता है उसे दिल खोल कर देते हैं। पचकान हम लेते हैं, भाव लेने के लिए।

परमात्मा के पास तो पहले से ही भाव है इसलिए उन्हें पचकान लेने की आवश्यकता नहीं है। टाइम की जरूरत केवल मन को होती है, शरीर को नहीं। शरीर को आप जब भी आदेशित करें, वह काम करने के लिए तैयार हो जाता है, वह समय नहीं देखता। लोग जब तक मतलब रहता है तब तक एक दूसरे से जुड़े रहते हैं।

अगली खबर लोड हो रही है...
READ ALSO  CG : जनता प्राथमिक उपभोक्ता भंडार सहकारी समिति नगोईखार का मतदाता सूची प्रकाशित…

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins