छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : बेटी को सुविधा देने पिता ने 20-20 घंटे काम किया…

By kadwaghut|28 Jul 2026, 11:10 AM
f X W

राजनांदगांव , राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने राष्ट्रमंडल खेल-2026 में अपने संघर्ष को एक और बड़ी उपलब्धि में बदल दिया। स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में आयोजित 53 किग्रा महिला वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में ज्ञानेश्वरी ने कुल 199 किलोग्राम (स्नैच 88 किग्रा और क्लीन एंड जर्क 111 किग्रा) वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया।

Advertisement
Advertisement

राजनांदगांव के कौरिनभांठा में रहने वाली ज्ञानेश्वरी के पिता दीपक यादव सामान्य ​इलेक्ट्रीशियन हैं। अभाव और संघर्षों के बीच ज्ञानेश्वरी ने कामनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल का रास्ता तय किया हैं। अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी ने वर्ष 2022 से अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में पदक जीतकर अलग पहचान बनाई है। ज्ञानेश्वरी की खेल यात्रा दीपक यादव के साथ राजनांदगांव की जय भवानी व्यायामशाला से शुरू हुई। दीपक स्वयं बॉडी बिल्डिंग करते थे। सातवीं में पढ़ने वाली ज्ञानेश्वरी भी उनके साथ व्यायाम करने लगी।

ज्ञानेश्वरी के पिता दीपक बताते हैं कि उन्होंने कई बार 20-20 घंटे तक काम किया, लेकिन बेटी की डाइट और तैयारी से कभी समझौता नहीं किया। पासपोर्ट बनवाने से लेकर विदेश प्रतियोगिताओं तक भेजने की हर तैयारी उन्होंने समय रहते पूरी की। उन्हें भरोसा था कि संघर्ष ही बेटी की सबसे बड़ी ताकत बनेगा। आज कामनवेल्थ गेम्स में ज्ञानेश्वरी की इस सफलता ने उनके थकान को दूर कर दिया हैं।

2017 में स्टेट गेम्स में जीता था पहला पदक वर्ष 2017 में दुर्ग में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में ज्ञानेश्वरी ने पहला कांस्य पदक जीता था। इसके बाद वर्ष 2022 में कामनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में जूनियर और सीनियर दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीता।

READ ALSO  तीजा-पोरा तिहार में झलकी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, CM साय बोले- पारिवारिक मूल्यों का भी प्रतीक
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins