मध्य प्रदेशराज्‍य

संदिग्ध अवैध शराब की घटना पर जिला दंडाधिकारी ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

By Admin|07 Sep 2026, 10:46 PM
f X W

भोपाल 

Advertisement
Advertisement

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सागर प्रतिभा पाल ने सागर जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध अमानक/अवैध शराब के सेवन से हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। विगत दिनों सागर जिले की शाहगढ़ तहसील के ग्राम नौराज एवं गूगरा खुर्द तथा बंडा तहसील के ग्राम बमूरा आदि में 4 एवं 5 सितंबर की दरम्यानी रात संदिग्ध अमानक/अवैध शराब के सेवन के बाद ग्रामीणों के बीमार होने तथा कुछ मरीजों की मृत्यु की घटना सामने आई थी। प्रभावित ग्रामीणों ने उल्टी, बेहोशी एवं शरीर में झटके जैसे लक्षणों की शिकायत के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बंडा पहुंचकर उपचार कराया। चिकित्सकों द्वारा मरीजों का उपचार किया गया, लेकिन उपचार के दौरान कुछ मरीजों की मृत्यु हो गई।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने घटना की वास्तविक परिस्थितियों एवं कारणों का तथ्यात्मक रूप से पता लगाने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 196 के तहत मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतकों द्वारा शराब का सेवन किया गया था, जिसे संदिग्ध अमानक/अवैध शराब बताया गया है। मजिस्ट्रियल जांच के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी, जैसीनगर, जिला सागर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच में घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका वास्तविक कारण क्या था और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इन सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी।

मजिस्ट्रियल जांच में यह भी निर्धारित किया जाएगा कि मृतकों की मृत्यु का वास्तविक कारण संदिग्ध अमानक/अवैध शराब का सेवन था अथवा कोई अन्य कारण। साथ ही शराब के निर्माण, भंडारण एवं वितरण से संबंधित तथ्यों की भी जांच की जाएगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि इसमें कौन-कौन संलिप्त थे। इसके अतिरिक्त, संबंधित नियामकीय विभागों द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई या नहीं, घटना के लिए मुख्य रूप से कौन-कौन से व्यक्ति जिम्मेदार हैं तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कौन-कौन से प्रशासनिक एवं कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं, इसकी भी जांच की जाएगी। जिला प्रशासन ने जांच अधिकारी को निर्धारित सभी बिंदुओं पर तथ्यात्मक जांच कर स्पष्ट अभिमत सहित जांच प्रतिवेदन कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

READ ALSO  मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में पीएम सूर्य घर योजना में यूपी ने और तेज की रफ्तार

 

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins