मध्य प्रदेश

स्वास्थ्य तंत्र पर बड़ा सवाल: एमपी में बच्चों के लिए खतरनाक निकला कफ सिरप, 42% डीईजी पाया गया

By Admin|05 Dec 2025, 10:31 PM
f X W

भोपाल
मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सीरप के तीन और सैंपल अमानक पाए गए हैं। इनमें डायथिलीन ग्लाइकाल (डीईजी) की मात्रा 42 प्रतिशत पाई गई है। जबकि निर्धारित मानक के अनुसार, किसी भी कफ सीरप में डीईजी की मात्रा 0.1 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। ये तीनों उन बाटल के सैंपल हैं, जो बच्चों द्वारा पीने के बाद बच गए थे। इनके सैंपल की जांच मध्य प्रदेश में विषाक्त कफ सीरप से 24 बच्चों की मौत के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने राज्य औषधि लैब से कराई है। इससे साफ है कि बच्चों की मौत अधिक डीईजी मिश्रित कोल्ड्रिफ कप सीरप पीने से ही हुई।
 
दरअसल, अधिक मात्रा में डीईजी का सेवन किडनी फेल कर देता है। बता दें कि इसके पहले तमिलनाडु औषधि प्रशासन की जांच में कोल्ड्रिफ सीरप में डीईजी की मात्रा 48.6 प्रतिशत और मध्य प्रदेश औषधि प्रशासन विभाग की जांच में 46.2 प्रतिशत मिली थी। उल्लेखनीय है कि कोल्ड्रिफ कफ सीरप बैच नंबर एसआर-13 के अतिरिक्त, खांसी का ही सीरप रिलाइफ बैच नंबर एलएसएल 25160 और रेस्पीफ्रेस टीआर-आर 01जीएल 2523 भी अमानक मिला था। इनमें डीईजी की मात्रा निर्धारित मानक से अधिक थी।
 
चार दवाएं भी अमानक मिलीं
वहीं, मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया है कि कफ सीरप से बच्चों की मौत के बाद प्रदेश भर में कफ सीरप के जितने सैंपल लिए गए थे, उनमें इनमें 109 मानक के अनुरूप और तीन अमानक मिले हैं। इसके अतिरिक्त बच्चों के उपयोग में आने वाली चार दवाएं अमानक मिली हैं, जिनमें पेट के उपचार के लिए उपयोग होने वाला हेप्साडिन सीरप, चिटेम-एमडी, फेरस एस्कार्बेट टैबलेट, पेट में कीड़े मारने की अलबेंडाजोल टैबलेट शामिल है। उप मुख्यमंत्री ने यह जानकारी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

READ ALSO  सेवा के 25 वर्ष: सुशासन से विकसित भारत तक, प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की खास झलक
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button