छत्तीसगढ़बेमेतरा जिला

CG : जल एवं पर्यावरण संरक्षण से ही आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित : दयाल दास बघेल…

By kadwaghut|06 Sep 2026, 5:02 PM
f X W

बेमेतरा । आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य के लिए जल एवं पर्यावरण का संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जल और पेड़ों का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। हम सभी को पौधरोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की सुरक्षा और उनके संवर्धन के लिए भी आगे आना होगा। यह बात खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने आज बेमेतरा जिले के ग्राम पंचायत जेवरा एन में आयोजित पर्यावरण एवं जल संरक्षण अभियान के अंतर्गत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान कही।

Advertisement
Advertisement

कार्यक्रम के दौरान मंत्री बघेल ने स्वयं पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं। ये न केवल वातावरण को स्वच्छ और संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि भू-जल स्तर को बनाए रखने, मिट्टी के कटाव को रोकने तथा वर्षा जल के संरक्षण में भी सहायक होते हैं। वर्तमान समय में जिस तेजी से पर्यावरणीय संकट बढ़ रहा है, उसे देखते हुए बड़े पैमाने पर पौधरोपण के साथ-साथ उनका संरक्षण भी अनिवार्य हो गया है।

‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान से गांव-गांव में जागरूकता

मंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाया जा रहा ‘मोर गांव मोर पानी’ महा अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जन-आंदोलन है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना, परंपरागत जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना और पर्यावरण को बेहतर बनाना है।

READ ALSO  CG : विदाई पर भावुक हुए चीफ जस्टिस सिन्हा, कहा- अदालतें आम आदमी की उम्मीद हैं ...

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की शुरुआत गांव और घर से होनी चाहिए। यदि प्रत्येक गांव अपने तालाबों, नालों, डबरी और भू-जल के संरक्षण को प्राथमिकता दे, तो आने वाले समय में जल संकट की बड़ी चुनौती को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से जल का अपव्यय रोकने और उपलब्ध जल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का आह्वान किया।

वर्षा जल को अधिक से अधिक संरक्षित करने के लिए खेतों में मेड़ बंधान, तालाब गहरीकरण और वाटर हार्वेस्टिंग जैसे उपायों को अपनाने पर भी उन्होंने जोर दिया।

मंत्री बघेल ने कहा कि पौधरोपण केवल एक दिन का औपचारिक कार्यक्रम नहीं है। पौधा लगाने के बाद उसकी नियमित देखभाल, सिंचाई, सुरक्षा और संवर्धन सुनिश्चित करना उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लगाए गए प्रत्येक पौधे को एक संतान की तरह जिम्मेदारी के रूप में लिया जाए, ताकि वह आने वाले वर्षों में एक विशाल वृक्ष का रूप ले सके और पर्यावरण संरक्षण में अपना अमूल्य योगदान दे सके।

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों के किनारे, शाला परिसरों, तालाबों के आसपास और उपलब्ध शासकीय भूमि पर पौधरोपण को बढ़ावा दिया जाए।

वीबी जी राम जी योजना के तहत 26 एकड़ में वृहद पौधरोपण

कार्यक्रम के अंतर्गत वीबी जी राम जी योजना के तहत लगभग 26 एकड़ शासकीय भूमि में वृहद पौधरोपण किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में फलदार, छायादार और औषधीय पौधे लगाए गए।

पौधरोपण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, महिला स्व-सहायता समूहों, सरपंचों, कृषकों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।

READ ALSO  कलेक्टर लंगेह ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं, निराकरण के दिए निर्देश

जनप्रतिनिधियों, सरपंचों और महिला स्व-सहायता समूहों ने किया सामूहिक पौधरोपण

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ सहित प्रशासनिक अधिकारियों, महिला स्व-सहायता समूहों, 100 से अधिक सरपंचों, कृषकों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने सामूहिक रूप से पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का संदेश दिया गया।

जल संरक्षण में योगदान देने वालों का सम्मान

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान रहा। जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय भागीदारी एवं महती योगदान देने वाले जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, अधिकारियों, महिला समूहों और प्रगतिशील कृषकों को प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस सम्मान समारोह के माध्यम से उन लोगों के प्रयासों को प्रोत्साहित किया गया, जिन्होंने जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को जनअभियान का रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जिले में भू-जल संरक्षण के लिए तैयार की जा रही कार्ययोजना : कलेक्टर

कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने जिले में भू-जल संरक्षण और संवर्धन के लिए चलाए जा रहे कार्ययोजना की जानकारी देते हुए कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता के बिना जल और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को हासिल करना संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं, किसान, जनप्रतिनिधि और युवा मिलकर अपने-अपने क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए उल्लेखनीय कार्य कर सकते हैं। ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करने से अन्य लोग भी प्रेरित होंगे।

READ ALSO  CG : एग्रीस्टेक पंजीयन बिना नही बिकेगा धान…

कलेक्टर ने बेमेतरा जिले में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कार्य करने वालों को जिला प्रशासन की ओर से बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं को धरातल पर उतारने के साथ-साथ जनभागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यदि शासन के प्रयासों के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी जुड़ जाए, तो जल संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के सामूहिक प्रयास ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की नींव रखेंगे।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य दयावंत धर बाँधे, जनपद पंचायत अध्यक्ष हेमा जय दिवाकर, साजा जनपद पंचायत अध्यक्ष खोरबाहरा राम साहू, जनपद पंचायत बेरला अध्यक्ष माधुरी रवि परगनिहा, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि अजय साहू, जिला पंचायत सीईओ प्रेमलता पद्माकर, अपर कलेक्टर प्रकाश भारद्वाज, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पिंकी मनहर सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अनेक महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, सरपंचगण, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins