जलगांव,डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के बीच साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के लिए विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कवयित्री बहिणाबाई चौधरी उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय में साइबर सुरक्षा जनजागृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साइबर जागरूकता दिवस के अवसर पर क्विक हील फाउंडेशन के सहयोग से ‘साइबर शिक्षा, साइबर सुरक्षा – Earn and Learn’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम की शुरुआत साइबर वॉरियर्स की Journey Video से हुई,
जिसमें उनकी विभिन्न गतिविधियों और जागरूकता अभियान के प्रभाव को विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि कुलगुरु डॉ. प्रो. व्ही. एल. माहेश्वरी की उपस्थिति में कवयित्री बहिणाबाई चौधरी के चित्र का पूजन किया गया।
कार्यक्रम का संचालन वैष्णवी पाटील और विद्या सोनवणे ने किया, जबकि शिक्षक समन्वयक प्रो. आर. बी. आमले ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।कुलगुरु डॉ. प्रो. व्ही. एल. माहेश्वरी ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता बताते हुए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। इसके बाद साइबर वॉरियर क्लब की अध्यक्ष जान्हवी सपकाळे ने प्रस्तुति के माध्यम से साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी दी।विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने के लिए साइबर सिक्योरिटी क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम तीन विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।कार्यक्रम में बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया फ्रॉड, फोटो मॉर्फिंग, आइडेंटिटी थेफ्ट और सोशल इंजीनियरिंग जैसे गंभीर साइबर अपराधों के बारे में जागरूक किया गया। साइबर वॉरियर्स ने नृत्य, नाटक और प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया कि किस तरह साइबर अपराधी लोगों की निजी जानकारी, विश्वास और भावनाओं का गलत फायदा उठाकर धोखाधड़ी करते हैं।
टीना पाटील, प्रिया भंडारकर, वैष्णवी सैतवाल, प्रजाल मराठे, भाग्यश्री बढे, विद्या सोनवणे, स्नेहल पाटील, तनिषा महाजन और वैष्णवी पाटील ने बैंकिंग फ्रॉड पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया।राहुल चोपडे, अक्षय पाटील, जान्हवी सपकाळे, विद्या सोनवणे, वैष्णवी पाटील और लोकेश पाटील ने ‘यमराज’ नाटक के माध्यम से सोशल मीडिया फ्रॉड और फोटो मॉर्फिंग के खतरों को प्रभावी ढंग से समझाया।
वहीं जय ठाकूर, अक्षय पाटील, ऋषी भोजणे, टीना पाटील, भावेश पाटील, खुशबू लांबोळे और साक्षी पाटील ने साइबर जागरूकता पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया।आइडेंटिटी थेफ्ट से बचाव के उपायों की जानकारी देने के साथ सोशल इंजीनियरिंग पर आधारित नाटक भी प्रस्तुत किया गया। तनिषा महाजन, स्नेहल पाटील, दर्शना चौधरी, वैष्णवी सैतवाल, जय ठाकूर और खुशबू लांबोळे ने नाटक के माध्यम से बताया कि साइबर अपराधी किस प्रकार मानवीय विश्वास और भावनाओं का फायदा उठाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर साइबर वॉरियर्स ने विद्यार्थियों के मोबाइल फोन में Anti-Fraud App डाउनलोड करवाया और इसके उपयोग की जानकारी दी। इस तरह कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा की जानकारी, जनजागृति और व्यावहारिक पहल का प्रभावी समन्वय देखने को मिला।आयोजकों ने कहा कि साइबर जागरूकता दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाने और सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल नागरिक तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।कार्यक्रम के अंत में साइबर वॉरियर टीना पाटील ने आभार व्यक्त किया।चाहें तो मैं इसका छोटा अखबारी समाचार, यूट्यूब शीर्षक और थंबनेल हेडिंग भी तैयार कर सकता हूँ।
