कांकेर जिला (उत्तर बस्तर)छत्तीसगढ़

CG : स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने राखी बनाकर कमाए 46 हजार से अधिक रूपए …

By kadwaghut|31 Aug 2026, 1:15 PM
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रक्षाबंधन के अवसर पर 04 हजार से अधिक राखियों का निर्माण एवं विक्रय

उत्तर बस्तर कांकेर । राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से जिले की ग्रामीण महिलाएं स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर विभिन्न विकासखण्डों के महिला स्व-सहायता समूहों ने अपनी रचनात्मकता और हुनर का उपयोग करते हुए आकर्षक राखियों का निर्माण एवं विक्रय कर स्थानीय बाजारों और स्टॉलों के माध्यम से 04 हजार से अधिक राखियां बेची हैं, जिससे समूह की महिलाओं ने 46 हजार 970 रूपए की आय अर्जित की है।

विकासखण्ड कांकेर के गढ़पिछवाड़ी संकुल संगठन की महिलाओं ने घर में उपलब्ध सामग्री जैसे सब्जियों के बीज, मक्का, मोती और रंग-बिरंगे धागों का उपयोग कर लगभग 600 राखियां तैयार कीं। इन राखियों को स्थानीय स्तर पर विक्रय कर समूह की महिलाओं ने लगभग 18 हजार 270 रुपए की आय अर्जित की है। लोगों ने प्राकृतिक एवं स्थानीय सामग्री से तैयार इन राखियों को लोगों ने काफी पसंद किया।

इसी तरह नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम उमरादाह के हरि ओम स्व-सहायता समूह और ग्राम दुधावा के जय कर्मा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अपनी कलात्मक परिचय देते हुए मिलकर राखियां तैयार कीं। समूहों द्वारा निर्मित 1,556 राखियों को स्थानीय बाजार के साथ-साथ समूह सदस्यों के बीच भी विक्रय किया गया, जिससे उन्हें 13 हजार 700 रूपए की आय प्राप्त हुई। विकासखण्ड दुर्गूकोंदल में हाटकोंदल समूह, ग्राम तरहुल के करुणा समूह, ग्राम कोड़े के शीतला समूह और ग्राम चौरगांव के जय अम्बे स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मिलकर 2,500 राखियां तैयार कीं। राखियों के विक्रय के लिए विभिन्न सार्वजनिक एवं स्थानीय स्थानों पर स्टॉल लगाए गए, जहां आमजनों ने उत्साहपूर्वक राखियों की खरीदारी की। इस पहल से समूहों ने लगभग 15 हजार रूपए की आय अर्जित की।

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हुनर से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

जिला पंचायत कांकेर के मार्गदर्शन और ‘बिहान’ योजना की टीम के सतत सहयोग से ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय संसाधनों से उत्पाद तैयार करने, बाजार उपलब्ध कराने और अपनी मेहनत को आय में बदलने का अवसर मिल रहा है। रक्षाबंधन जैसे पर्व पर महिलाओं द्वारा तैयार की गई राखियों को जनसामान्य का उत्साहजनक समर्थन मिला, इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने हुनर के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई राह पर आगे बढ़ रही हैं। शासन-प्रशासन के सहयोग व मार्गदर्शन तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान के लिए समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देते हुए कहती हैं कि ‘विष्णु भैया का धन्यवाद’।

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