छत्तीसगढ़रायपुर जिला

CG : सुरक्षा की कमी MM Fun City में: प्रबंधन की दलीलें खारिज, युवक को देना होगा हर्जाना …

By kadwaghut|31 Aug 2026, 10:40 AM
f X W

रायपुर: रायपुर स्थित MM Fun City वाटर पार्क के वेव पूल में सुरक्षा जाली न होने और दुर्घटना के बाद उचित प्राथमिक उपचार न मिलने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है. आयोग ने पीड़ित उपभोक्ता अनुपम अग्रवाल के पक्ष में फैसला सुनाते हुए एमएम फन सिटी (MM Fun City) प्रबंधन और बीमा कंपनी को संयुक्त रूप से हर्जाना देने का आदेश जारी किया है. पीड़ित को चिकित्सा खर्च के 2,00,000 (दो लाख रुपये) 9 जुलाई 2015 से भुगतान की तिथि तक 6% वार्षिक साधारण ब्याज के साथ देगी। साथ ही 5,000 वाद व्यय (कोर्ट खर्च) भी देना होगा। मानसिक क्षतिपूर्ति के तौर पर 25,000 और वाद व्यय के रूप में 5,000 का भुगतान करेगा। आयोग ने दोनों पक्षों को 45 दिनों के भीतर इस आदेश का पालन करने के निर्देश दिए है

25 अप्रैल 2015 को अनुपम अग्रवाल अपने परिवार और सहकर्मियों के साथ एमएम फन सिटी गए थे. शाम करीब 6 बजे वेव पूल में नहाने के दौरान सुरक्षा जाली न लगी होने के कारण उनका बायां पैर पानी के भीतर बनी नाली में फंस गया, जिससे उनके घुटने के नीचे की टिबिया-फिबुला हड्डी टूट गई. पार्क में प्राथमिक उपचार की सुविधा न मिलने पर साथियों ने उन्हें पहले श्री कृष्ण हॉस्पिटल और बाद में रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया. 26 अप्रैल से 3 मई 2015 तक चले इलाज और ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने 3 महीने का बेड रेस्ट और फिजियोथेरेपी सुझाई, जिसमें 2 लाख से अधिक खर्च हुए.

READ ALSO  ग्रामीण विकास को गति देने पंच-सरपंचों की भागीदारी आवश्यक : वन मंत्री केदार कश्यप

सुनवाई के दौरान एमएम फन सिटी ने हादसे से ही इनकार किया था, जबकि बीमा कंपनी ने तर्क दिया था कि परिवादी उनका सीधा ग्राहक नहीं है और पॉलिसी ‘एमएम वंडर पार्क प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम पर थी. आयोग ने इन तर्कों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि फन सिटी केवल ट्रेड नेम है और घटना के वक्त पब्लिक लायबिलिटी पॉलिसी पूरी तरह वैध थी. प्रस्तुत मेडिकल दस्तावेजों और घटनास्थल के रंगीन छायाचित्रों के आधार पर आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था में स्पष्ट कमी मानते हुए यह निर्णय सुनाया.

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button