जगदलपुर। मेडिकल कॉलेज डिमरापाल के इंटर्न चिकित्सकों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले 15 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को समाप्त कर दी। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल से हुई चर्चा और मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिए जाने के आश्वासन के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने आंदोलन वापस लेने का फैसला किया।
इंटर्न चिकित्सक पिछले 15 दिनों से अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। डॉक्टरों के अनुसार वर्तमान में उन्हें 15,900 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है। उनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रतिमाह किया जाए। इंटर्न चिकित्सकों का कहना है कि अन्य राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में इंटर्न और पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों को मिलने वाला स्टाइपेंड काफी कम है।
कई बार ज्ञापन देने के बाद शुरू की थी हड़ताल
इंटर्न डॉक्टरों के मुताबिक स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सरकार को पहले भी कई बार पत्र और ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया था। मांग पर निर्णय नहीं होने के बाद उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। आंदोलन के दौरान इंटर्न चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज परिसर में तंबू लगाकर लगातार प्रदर्शन किया।
हड़ताल लंबी खिंचने के बाद स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने इंटर्न चिकित्सकों के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया। बैठक में डॉक्टरों ने स्टाइपेंड की मौजूदा स्थिति और इसे बढ़ाने की जरूरत को स्वास्थ्य मंत्री के सामने रखा। इस दौरान उनकी मांग को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
मंत्री के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिए जाने का आश्वासन दिया। मंत्री के आश्वासन के बाद इंटर्न चिकित्सकों ने 15 दिनों से जारी आंदोलन और अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया।
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने भी सोशल मीडिया पर बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए इंटर्न चिकित्सकों की हड़ताल समाप्त होने की जानकारी दी।
फिलहाल हड़ताल तो समाप्त हो गई है, लेकिन इंटर्न डॉक्टरों की नजर अब सरकार के अगले फैसले पर टिकी है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही स्टाइपेंड बढ़ाने की उनकी मांग पर निर्णय लेकर आदेश जारी करेगी।
