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CG : छत्तीसगढ़ के स्टील का प्रदेश में ही हो अधिकतम मूल्य संवर्धन: डाउनस्ट्रीम और स्पेशियलिटी उत्पादों के निर्माण पर दें जोर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

By kadwaghut|13 Aug 2026, 4:58 PM
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ग्रीन स्टील पर छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग में ₹13,840 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

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निवेश परियोजनाओं से प्रदेश में 10,921 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर होंगे सृजित

रायपुर

 छत्तीसगढ़ के स्टील का प्रदेश में ही हो अधिकतम मूल्य संवर्धन: डाउनस्ट्रीम और स्पेशियलिटी उत्पादों के निर्माण पर दें जोर - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
 छत्तीसगढ़ के स्टील का प्रदेश में ही हो अधिकतम मूल्य संवर्धन: डाउनस्ट्रीम और स्पेशियलिटी उत्पादों के निर्माण पर दें जोर - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
 छत्तीसगढ़ के स्टील का प्रदेश में ही हो अधिकतम मूल्य संवर्धन: डाउनस्ट्रीम और स्पेशियलिटी उत्पादों के निर्माण पर दें जोर - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
 छत्तीसगढ़ के स्टील का प्रदेश में ही हो अधिकतम मूल्य संवर्धन: डाउनस्ट्रीम और स्पेशियलिटी उत्पादों के निर्माण पर दें जोर - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के सहयोग से आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग ऑन ग्रीन स्टील’ में ₹13,840 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश में 10,921 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्टील और खनन छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान की मजबूत नींव हैं और आगे भी हमारी ताकत बने रहेंगे। अब समय इस मजबूत नींव पर औद्योगिक विकास की नई इमारत खड़ी करने का है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल स्टील उत्पादन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि छत्तीसगढ़ में उत्पादित स्टील का अधिकतम मूल्य संवर्धन भी प्रदेश के भीतर ही होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का स्टील प्राथमिक रूप में प्रदेश से बाहर जाने के बजाय यहीं ऑटो कम्पोनेंट्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, रेलवे, रक्षा और सौर ऊर्जा उपकरणों जैसे डाउनस्ट्रीम एवं स्पेशियलिटी उत्पादों में परिवर्तित हो। जब मूल्य संवर्धन छत्तीसगढ़ में होगा, तो रोजगार भी छत्तीसगढ़ में ही सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में निवेश करने वाले प्रत्येक निवेशक के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शून्य कार्बन उत्सर्जन के वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप दुनिया तेजी से ग्रीन स्टील की ओर बढ़ रही है और छत्तीसगढ़ देश के उन अग्रणी राज्यों में है, जिन्होंने इस बदलाव को समय रहते अपनाया है। प्रदेश में 26 हजार मेगावाट से अधिक विद्युत उपलब्धता तथा प्रतिस्पर्धी औद्योगिक विद्युत दरें ऊर्जा-आधारित डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग के लिए छत्तीसगढ़ को विशेष रूप से अनुकूल बनाती हैं।

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18 महीनों में लगभग ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 ने निवेश के नए द्वार खोले हैं। पिछले 18 महीनों में प्रदेश को लगभग ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें स्टील और खनन जैसे पारंपरिक क्षेत्रों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भी बड़े निवेश प्रस्ताव शामिल हैं।

प्रदेश में निवेशकों का विश्वास बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने कारोबारी प्रक्रियाओं में व्यापक सुधार किए हैं। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट’ लागू किया है। इसके तहत कम जोखिम वाले उद्यमों के लिए स्व-प्रमाणीकरण, जोखिम आधारित नियामकीय व्यवस्था तथा निर्धारित समय-सीमा में आवेदन का निराकरण नहीं होने पर डीम्ड अप्रूवल जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। इन सुधारों से प्रदेश के लगभग 15 लाख एमएसएमई को लाभ मिलने की उम्मीद है।

CRISIL-NITI Aayog Investment Friendliness Index 2026 में छत्तीसगढ़ ने प्रमुख राज्यों के बीच ‘रेगुलेटरी ईज’ और ‘इंस्टीट्यूशनल एनवायरनमेंट’ में प्रथम स्थान तथा ‘एनवायरनमेंटल रेजिलिएंस’ में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। हाल ही में नई दिल्ली में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के दसवें स्थापना दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ को ‘GeM Sustainable Procurement Award’ से भी सम्मानित किया गया है।

औद्योगिक विकास का विस्तार अब नए क्षेत्रों तक

राज्य सरकार औद्योगिक विकास को रायपुर-भिलाई के परंपरागत औद्योगिक क्षेत्र से आगे प्रदेश के अन्य जिलों तक विस्तार दे रही है। राजनांदगांव, धमतरी, जांजगीर-चांपा और बस्तर जिलों में चार नए औद्योगिक पार्क स्वीकृत किए गए हैं।

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भारत सरकार ने राजनांदगांव में लगभग 306 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0) को भी स्वीकृति प्रदान की है। इससे बड़े पैमाने पर निवेश और लगभग 9 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की कंपनियों ने इस क्लस्टर में रुचि दिखाई है।

मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा,  “हमारी नीति स्पष्ट है, प्रक्रियाएं पारदर्शी हैं और अनुमतियां तय समय-सीमा में मिल रही हैं। यहां रेड टेप के लिए कोई जगह नहीं है। हम साथ मिलकर काम करेंगे और साथ मिलकर सफलता की नई कहानी लिखेंगे।”

उन्होंने कहा कि ग्रीन स्टील और डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ अब अपनी खनिज संपदा को प्रदेश के भीतर ही अधिक मूल्य, अधिक निवेश और अधिक रोजगार में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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