राजनांदगांव , लोकल और बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे बेहतर करने शिक्षा विभाग ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। 22 अगस्त से हर शनिवार अफसर स्कूलों में पहुंचेंगे। पहले शिक्षकों से अब तक की पढ़ाई, आगे की प्लानिंग, नवाचार, कमजोर बच्चों को बेहतर करने के प्रयासों का फीडबैक लिया जाएगा। इसके बाद बच्चों से सीधे बातचीत कर उनकी पढ़ाई, विषय संबंधी दिक्कतों की जानकारी ली जाएगी।
खास बात यह है कि 10वीं के विद्यार्थियों से आगे विषय चयन, रुचि अनुसार गाइड किया जाएगा। कक्षा 12वीं के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा, रोजगार और स्किल डेवलपमेंट का फीडबैक लेकर गाइड करेंगे। शिक्षा विभाग के मुताबिक इस बार परीक्षाएं पहले होंगी और नतीजे भी जल्दी जारी होंगे। इस कारण अभी से परीक्षा की तैयारी पर जोर दिया जा रहा है। पांच साल के परीक्षा ब्लूप्रिंट को आधार बनाकर पढ़ाई कराई जाएगी। गणित, अंग्रेजी और विज्ञान विषयों के साथ कक्षा 12वीं में भौतिकी, रसायन और गणित के विद्यार्थियों की तैयारी पर विशेष फोकस रहेगा। विषय विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। दसवीं-बारहवीं बोर्ड परीक्षा में अच्छे रिजल्ट लाने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। नियमित क्लास के साथ ही अतिरिक्त समय में भी पढ़ाई होगी।
इस सत्र में अभी से ले रहे ऑनलाइन स्मार्ट क्लासेस ऑनलाइन स्मार्ट क्लास शुरू हो चुकी है। इसे बच्चे मोबाइल पर लाइव देख सकते है। उनके लिंक विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे जरूरत के अनुसार बार-बार देख सकें। पहले चरण में म्युनिसिपल स्कूल, एमएलबी स्कूल, बख्शी स्कूल सहित शहरी क्षेत्र के हिंदी माध्यम स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस शुरू की। अब अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के बच्चों को इसमें जोड़ा जा रहा है। विषय विशेषज्ञ बच्चों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। ऑनलाइन अटेंडेंस और मॉनिटरिंग को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
पांच साल के ब्लूप्रिंट से बोर्ड परीक्षा की तैयारी अफसर सिर्फ परीक्षा की तैयारी तक सीमित नहीं रहेंगे। कक्षा 10वीं के बच्चों से उनकी रुचि, आगे चुने जाने वाले विषय, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर फीडबैक लेंगे। इससे आगे की पढ़ाई के लिए बेहतर दिशा देने की योजना है। डीईओ प्रवास बघेल ने बताया कि इस सत्र में परीक्षाएं जल्दी होने के कारण तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। ब्लूप्रिंट से पढ़ाई कराने के साथ ऑनलाइन क्लास और स्कूल स्तर की मॉनिटरिंग पर जोर रहेगा। अफसरों को स्कूलों की नियमित निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
