मध्य प्रदेशराज्‍य

अपराध की सूचना से अंतिम न्याय तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया को सजीव प्रस्तुत किया गया प्रदर्शनी में

By Admin|03 Oct 2026, 9:31 PM
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भोपाल 

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का भेल दशहरा मैदान पर शुभारंभ कर प्रदर्शनी के विभिन्न ज़ोन का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में भारतीय न्याय व्यवस्था में हुए महत्वपूर्ण बदलावों, नवीन न्याय संहिताओं के प्रावधानों तथा अपराध की सूचना प्राप्त होने से लेकर विवेचना, फॉरेंसिक जाँच, अभियोजन, न्यायालयीन कार्यवाही और अंतिम न्याय तक की संपूर्ण प्रक्रिया को 14 अलग-अलग ज़ोन में सजीव मॉडल, डिजिटल तकनीक, वीडियो, चार्ट एवं लाइव प्रदर्शन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। सात अक्टूबर तक चलने वाली यह पांच दिवसीय प्रदर्शनी, नवीन न्याय संहिताओं के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित की गई है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री  शाह को प्रदेश में नवीन न्‍याय संहिताओं के क्रियान्‍वयन की दिशा में संचालित गतिविधियों, सायबर सुरक्षा एवं जागरूकता, मध्‍यप्रदेश पुलिस के सामाजिक अभियानों और नवाचारों से अवगत कराया। उद्घाटन अवसर पर वरिष्ठ विधायक एवं अध्‍यक्ष  हेमंत खंडेलवाल, अपर मुख्य सचिव गृह  संजय शुक्ला और पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना उपस्थित थे।

आपातकालीन नंबर डायल-112 की कार्यप्रणाली का किया गया सजीव प्रदर्शन

प्रदर्शनी का जोन एक नवीन न्याय संहिताओं के परिचय पर केंद्रित है। भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA), 2023 के प्रमुख प्रावधानों तथा उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी गई है। आपातकालीन सेवाओं एवं कंट्रोल रूम पर केंद्रित जोन दो में ‘एक देश, एक आपातकालीन नंबर’ की अवधारणा के अंतर्गत डायल-112 प्रणाली के एकीकरण तथा आधुनिक स्टेट कमांड सेंटर की तकनीकी क्षमताओं का सजीव प्रदर्शन किया गया है। क्राइम सीन और फॉरेंसिक जाँच से संबंधित ज़ोन-3 में अपराध स्थल के वास्तविक 3D मॉडल के माध्यम से घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम की भूमिका, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन तथा साक्ष्यों की अनिवार्य वीडियो रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया प्रदर्शित है। जोन-4 थाना प्रणाली एवं प्रारंभिक जाँच पर केंद्रित है। इसमें पुलिस थाने के मॉडल के माध्यम से विवेचना के प्रारंभिक चरण, ई-एफआईआर, जीरो एफआईआर एवं CCTNS से संबंधित सेवाओं और प्रक्रियाओं की जानकारी इस जोन में दी गई है। चिकित्सा सेवाओं एवं मेडिकल साक्ष्य को समर्पित जोन-5 में पीड़ितों के उपचार, मेडिकल परीक्षण, पोस्टमार्टम तथा समयबद्ध मेडिकल रिपोर्ट के माध्यम से आपराधिक न्याय प्रणाली में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका को दर्शाया गया है।

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चार्जशीट तैयार करने से लेकर न्यायालय में प्रभावी पैरवी तक की दी गई है जानकारी

न्याय प्रक्रिया में फॉरेंसिक साइंस लैब के महत्व को जोन 6 में प्रदर्शित किया गया है। इस जोन में DNA, फिंगरप्रिंट, बैलिस्टिक एवं डिजिटल फॉरेंसिक जैसी वैज्ञानिक जाँच तकनीकों के माध्यम से अपराध के वैज्ञानिक अनुसंधान और साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ाने की प्रक्रिया दिखाई गई है। जोन-7 में अभियोजन की भूमिका पर केंद्रित है।विवेचना के बाद चार्जशीट तैयार करने से लेकर न्यायालय में प्रभावी पैरवी तक अभियोजन की भूमिका और कार्यप्रणाली को यहां प्रदर्शित किया गया है। जोन-8 में जिला न्यायालय पर केंद्रित है। इस जोन में जिला न्यायालय का मॉडल एवं न्यायालयीन कार्यवाही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग का प्रदर्शन किया गया है। ज़ोन-9 जेल सुधार एवं ई-प्रिजन व्यवस्था को समर्पित है।यहां जेल सुधार, जेल मैनुअल में हुए बदलाव, पैरोल, बंदियों के पुनर्वास कार्यक्रम तथा ई-प्रिजन प्रणाली की कार्यप्रणाली का लाइव डिस्प्ले किया है। ज़ोन-10 उच्च न्यायालय की गरिमापूर्ण पीठ को दर्शाता है।यहां मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के मुख्य कोर्ट रूम का स्वरूप प्रदर्शित किया गया है। यह ज़ोन पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर से लेकर उच्चतर न्यायपालिका के स्तर पर न्याय की प्रक्रिया तक की संपूर्ण यात्रा प्रदर्शित है।

ऑनलाइन ई-जीरो एफआईआर की प्रक्रिया की जानकारी नागरिकों को उपलब्ध कराई गई

इसी क्रम में ज़ोन-11 में नक्सल उन्मूलन में उपलब्धियाँ प्रदर्शित हैं। यहां प्रदेश में नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा पुलिस की उपलब्धियों को फोटोग्राफिक एवं डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। ज़ोन-12 साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता से संबंधित है। यह जोनसाइबर अपराधों से बचाव के लिए संचालित ‘सेफ क्लिक अभियान’ तथा ऑनलाइन ई-जीरो एफआईआर की प्रक्रिया की जानकारी नागरिकों को उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। नवीन संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन में राज्य की उपलब्धियाँ जोन तेरह में प्रदर्शित है।यहां नवीन न्याय संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन, आवश्यक ढांचागत सुधारों तथा राज्य में अब तक हुई प्रगति को डिजिटल चार्ट और डिस्प्ले के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। ज़ोन-14 में सामाजिक पहल के प्रदर्शन के साथ ही लाइव क्विज़ रखा गया है। इस ज़ोन में ऑपरेशन मुस्कान, महिला हेल्प डेस्क एवं ‘Say No to Drugs’ जैसे सामाजिक अभियानों की जानकारी के साथ नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित लाइव डिजिटल क्विज़ काउंटर आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

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त्वरित, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

प्रदर्शनी आम नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और कानून के प्रति रुचि रखने वालों के लिए उपयोगी है। यहां लोगों को नवीन न्याय संहिताओं की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य नागरिकों को भारतीय न्याय व्यवस्था में हुए महत्वपूर्ण बदलावों से परिचित कराना तथा यह बताना है कि नवीन न्याय संहिताओं के माध्यम से त्वरित, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम एवं पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रदर्शनी के उद्घाटन में सचिव गृह मती शिल्पा गुप्ता, केंद्र सरकार के अधिकारी तथा प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

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