राजनांदगांव , प्रकृति संरक्षण और शहर में हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘एक पेड़ एक जिंदगी’ अभियान से जुड़ते हुए महाराष्ट्रीयन तेली समाज राजनांदगांव ने सामाजिक भवन परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम की शुरुआत समाज के संत संता जी जगनाडे महाराज की पूजा-अर्चना से हुई। समाज के वरिष्ठ सदस्य हिम्मतलाल पाटिल, दीपाली भिवगड़े और राजेश समरित ने पूजा-अर्चना की, जिसके बाद पौधरोपण किया गया।
समाज के सदस्यों ने सामाजिक भवन परिसर में विभिन्न प्रजातियों के 21 छायादार एवं फलदार पौधे रोपे। पौधरोपण में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ महिला मंडल और युवा मंडल के सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सदस्यों ने केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहते हुए उनकी नियमित सिंचाई, देखरेख और संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मदनलाल मानकर, कमल समरीत, चंद्रशेखर बावनकर, संतोष समरित, गजेंद्र लांबट, चंद्रभूषण गायधनी, भागचंद हटवार, अनिल मानकर, दशरथ भिवगड़े, अरुण घाटोड़े, वासुदेव गायधनी, राजेश बावनकर, मंजू हटवार, अरुण आंबिलकर, पप्पू न्यायखोरे, बंटी समरीत, सुरेश तराने, राजू देशमुख, राजेश रोकड़े, ज्ञानचंद न्यायखोरे, अभिषेक गिरेपुंजे, अभिलाष बिशने, अभिषेक देशमुख, प्रकाश (पिंटू) समरीत, चंद्रशेखर देशमुख सहित समाज के अनेक सदस्य मौजूद रहे।
पौधे लगाएं ही नहीं, पेड़ बनने तक इसे संभालें समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने ‘एक पेड़ एक जिंदगी’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिए पौधरोपण आज की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसे पेड़ बनने तक संरक्षित करना चाहिए। समाज के सदस्यों ने इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने की आवश्यकता भी बताई।
