राजनांदगांव : छात्रों के लिए कमरों की कमी, पुराने संकुल कार्यालय को खाली करने कहा…
राजनांदगांव , शासकीय प्राथमिक शाला (अंग्रेजी माध्यम) डोंगरगांव में अध्ययनरत विद्यार्थियों के पढ़ाई में आ रही समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा राजनांदगांव के द्वारा संकुल भवन को खाली करने के लिए पत्र जारी किया है। शासकीय स्कूल के परिसर में संचालित संकुल स्रोत केन्द्र कार्यालय (संकुल केन्द्र डोंगरगांव-2) को तत्काल प्रभाव से खाली कराकर सेजेस प्रांगण स्थित मूल संकुल भवन में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
डोंगरगांव स्थित शासकीय प्राथमिक शाला (अंग्रेजी माध्यम) के कमरों में लंबे समय से संकुल कार्यालय का संचालन किया जा रहा था। वर्तमान में इस विद्यालय में पंजीकृत छात्रों की संख्या 195 है। दर्ज संख्या के अनुपात में स्कूल में कमरे उपलब्ध न होने के कारण विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कार्यालय कलेक्टर व जिला मिशन संचालक (समग्र शिक्षा) राजनांदगांव द्वारा जारी ज्ञापन (क्रमांक 1280/एसएस/Cluster /20 26-27, दिनांक 5/8/2026) के तहत संकुल प्राचार्य (संकुल केन्द्र डोंगरगांव-2) को निर्देशित किया गया है कि वे प्राथमिक शाला के कमरे को तुरंत खाली कर संकुल कार्यालय को सेजेस प्रांगण स्थित मूल भवन में स्थानांतरित करें।
जानिए, पूर्व आदेशों की अवहेलना पर संज्ञान पूर्व में भी जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव (पत्र क्र. 15061, दिनांक 12.5.2026) तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी, डोंगरगांव (पत्र क्र. 643, दिनांक 4.8.2026) द्वारा संकुल कार्यालय को सेजेस डोंगरगांव के प्रांगण में नवनिर्मित मूल संकुल भवन में शिफ्ट करने के निर्देश दिए जा चुके थे। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा उच्च कार्यालय के आदेशों की अनदेखी करते हुए आज तक कार्यालय को स्थानांतरित नहीं किया गया, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।
लापरवाही और आदेशों की अवहेलना का मामला है जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी पत्र को नजर अंदाज करना यह दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक पकड़ कितनी ढीली पड़ चुकी है। अभिभावकों का कहना है कि जब शिक्षा विभाग के सबसे बड़े अधिकारी का आदेश ही बेअसर साबित हो रहा है, तो आम जनता की सुनवाई कैसे होगी? आक्रोशित अभिभावक/पालक समिति ने कहा है कि यह सीधे तौर पर विभागीय लापरवाही और आदेशों की अवहेलना का मामला है। यदि जल्द ही क्लास रूम खाली कराकर स्कूल को नहीं सौंपा गया, तो उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायत की जाएगी।
