राजनांदगांव , बोरतलाव में डबरी में डूबने से हुए तीन बच्चों की मौत का मामले में अब तक दोषी चिन्हित नहीं हो सका है। पुलिस ने अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की है। वहीं प्रशासन ने जांच कमेटी गठित की है। लेकिन 15 दिन बाद भी पुलिस व प्रशासन दोनों की हादसे के लिए जिम्मेदारी तय नहीं कर सकी है।
परिजन अब भी न्याय की आस लगाए बैठे हैं। लेकिन सिर्फ एफआईआर और जांच कमेटी तक मामला सिमटकर रह गया है। जिला प्रशासन ने डबरी की खुदाई की जांच कराई। जिसमें स्पष्ट हुआ है कि रेलवे के निर्माण कार्य के लिए यहां से मुरुम का अवैध खनन किया गया है। ठेकेदार ने मनमाने ढंग से खुदाई कराई। जिसकी वजह से यह हिस्सा गहरे डबरी में बदल गया। जिसमें खेलते हुए तीन बच्चे डूब गए। लेकिन 15 दिन बाद भी जांच सुस्त गति से चल रही है। डोंगरगढ़ पुलिस और प्रशासन की जांच कमेटी सिर्फ दस्तावेज मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
हादसे में गांव के तीन बच्चों की मौत से पूरा गांव सहम गया था। अवैध खनन करने वाले के खिलाफ आक्रोश भी फूटा। प्रशासन ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। लेकिन अब तक सिर्फ जांच जारी होने का दावा परिवार के न्याय की आस को कमजोर कर रहा है। जांच कमेटी के अध्यक्ष एडीएम सीएल मारकंडे ने बताया कि मामले की जांच जारी है। कुछ दस्तावेज मंगाए हैं।
